मानसा. परविंदर की हत्या के बाद अब इंसाफ की लड़ाई लगातार जारी है. इस बीच सीबीआई से मुलाकात के बाद परविंदर सिंह झोटा के पोस्टमार्टम को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनकी पत्नी मनप्रीत कौर का अहम बयान सामने आया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर परिवार पोस्टमार्टम करवाने जैसा कोई फैसला लेता है, तो सबसे पहले संगत से विचार-विमर्श किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीबीआई से मुलाकात करना भी जरूरी है.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लगातार सबूत मिटाने के लिए काम किए जा रहे हैं लेकिन अब इंसाफ की लड़ाई तेज हो गई है.

परिवार करेगा हर बात की पुष्टि

मंच से संबोधित करते हुए मनप्रीत कौर ने अपील की कि जब तक परिवार खुद किसी बात की पुष्टि नहीं करता, तब तक उस संदेश को आगे न भेजा जाए. उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह का पार्थिव शरीर पिछले 9 दिनों से मुर्दाघर में रखा हुआ है. विशेषज्ञों के अनुसार, पोस्टमार्टम करवाने की भी एक समय-सीमा होती है. यदि यह समय निकल गया तो सबूत मिट सकते हैं. ऐसे में अगर सबूत ही नष्ट हो गए, तो परिवार आगे क्या करेगा? मनप्रीत कौर ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी बिना परिवार की मांग के सबूत मिटाने के लिए आरोपी की दुकान को गिरा दिया गया था. उनके अनुसार, उस दुकान में अहम सबूत मौजूद थे, लेकिन परिवार की मांग के बिना ही उसे गिराने की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि यदि अब भी समय रहते फैसला नहीं लिया गया, तो बहुत देर हो जाएगी.

संगर की राय जरूरी

मनप्रीत ने कहा कि परिवार ने अपनी बात संगत के सामने रख दी है. अब कमेटी के साथ बैठकर इस पर विचार किया जाएगा, लेकिन उससे पहले संगत की राय लेना जरूरी है. उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने संगत और पंगत को सर्वोच्च स्थान दिया है, इसलिए उनके लिए संगत सबसे पहले है. मनप्रीत कौर ने साफ किया कि परिवार ने अभी तक पोस्टमार्टम करवाने की अनुमति नहीं दी है. उन्होंने विश्वास जताया कि यह लड़ाई जरूर जीती जाएगी, लेकिन इसके लिए संगत का सहयोग और सहमति जरूरी है.