पटना। बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण (TRE-4) के नोटिफिकेशन में हो रही देरी ने अभ्यर्थियों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। बुधवार को पटना कॉलेज के पास बड़ी संख्या में अभ्यर्थी जुटे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से बीपीएससी (BPSC) दफ्तर तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। दिलीप का आरोप है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं इस भर्ती को जल्द पूरा करना चाहते हैं, लेकिन आयोग के कुछ अधिकारी उनके आदेशों की अवहेलना कर मुख्यमंत्री का अपमान कर रहे हैं।
अल्टीमेटम खत्म, आंदोलन शुरू
अभ्यर्थियों ने आयोग को 17 मार्च की रात तक का समय दिया था। नोटिफिकेशन जारी न होने पर आज 18 मार्च को बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया गया। छात्रों का कहना है कि वे पिछले दो साल से इस बहाली का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि शिक्षा मंत्री और विभाग ने पहले ही कह दिया है कि रिक्तियों की सूची आयोग को भेजी जा चुकी है, फिर भी विज्ञापन जारी करने में देरी समझ से परे है।
46,595 पदों पर होनी है भर्ती
TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया होनी है। आयोग के वार्षिक कैलेंडर के अनुसार, इसकी परीक्षा 22 से 27 सितंबर 2026 के बीच प्रस्तावित है और परिणाम नवंबर 2026 में आने की उम्मीद है। अभ्यर्थियों में नाराजगी इस बात को लेकर है कि जब अधियाचना फरवरी में ही मिल चुकी है, तो विज्ञापन अब तक क्यों नहीं आया?
पहली बार लागू होगी डोमिसाइल नीति
इस भर्ती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पहली बार ‘डोमिसाइल नीति’ लागू की जाएगी, जिससे बिहार के मूल निवासियों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके तहत कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के साथ-साथ प्रधानाध्यापकों के पदों पर भी संयुक्त विज्ञापन जारी किया जाएगा। बता दें कि पिछले दो वर्षों में बिहार में करीब 2.27 लाख शिक्षकों की बहाली हो चुकी है, लेकिन TRE-4 का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थी अब और देरी सहने को तैयार नहीं हैं।
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