कुंदन कुमार, पटना। जिले में सड़कों पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा माले और ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन (AISF) के बैनर तले आयोजित किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन में वाम दलों के कई प्रमुख नेता, कार्यकर्ता और छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।

​तेरह करोड़ नाम कटने पर PM से जवाब तलब

​प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं और वाम दल के नेताओं ने सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि देश के प्रधानमंत्री को इस बात का स्पष्ट जवाब देना होगा कि आखिर 13 करोड़ जनता का नाम मतदाता सूची (SIR) से कैसे और क्यों काट दिया गया। नेताओं का आरोप था कि इतने बड़े पैमाने पर नाम काटा जाना किसी सामान्य तकनीकी त्रुटि का परिणाम नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र पर एक सुनियोजित हमला है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के मताधिकार पर पड़ा है।

ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर गंभीर आरोप

​प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने वोट की चोरी को अंजाम देने के लिए ही यह सब कुछ किया है। नेताओं ने दावा किया कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था का इस तरह से इस्तेमाल किया जाना देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। वक्ताओं ने कहा कि जनता के बुनियादी अधिकारों और उनके वोट देने के अधिकार को छीनने की इस साजिश को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसके खिलाफ उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।

​केंद्र सरकार की चुप्पी पर उठे सवाल

​वाम दल के नेताओं ने इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार की चुप्पी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर अब तक केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया न देना यह साफ बयां करता है कि इस मामले में कहीं न कहीं बहुत बड़ी गड़बड़ी और हेरफेर की गई है। सरकार का यह मौन व्रत इस बात का संकेत है कि दाल में कुछ काला है। अंत में नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर मामले पर जल्द ही कोई ठोस स्पष्टीकरण नहीं आया और काटे गए नाम वापस नहीं जोड़े गए, तो आंदोलन को और अधिक आक्रामक रूप दिया जाएगा।