पटना से सटे धनरुआ थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर छा जाने की सनक ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार को मातम में डुबो दिया है। महज कुछ सेकंड की रील्स बनाने के चक्कर में दो लापरवाह युवकों ने सड़क पर टहल रहे 89 साल के एक बुजुर्ग सेवानिवृत्त शिक्षक की जिंदगी छीन ली। इस भीषण हादसे के बाद मची अफरा-तफरी में आरोपियों ने भागने की कोशिश की, जिसके दौरान उनकी तेज रफ्तार बाइक ने दो और लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक और गुस्से का माहौल है।
रील्स बनाने की सनक बनी मौत की वजह
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार देर रात धनरुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साई मार्ग पर हुआ। पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले बुजुर्ग की पहचान 89 वर्षीय महेंद्र प्रताप वर्मा के रूप में हुई है, जो अपनी सेवा पूरी कर चुके एक सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक थे। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच में सामने आया है कि मनीष कुमार (उम्र 17 वर्ष) और प्रिंस कुमार (उम्र 20 वर्ष) नामक दो युवक कोल्हा चक से धनरुआ की तरफ एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आ रहे थे।
इन दोनों पर सोशल मीडिया के लिए रील्स बनाने का ऐसा भूत सवार था कि वे वाहन चलाने के दौरान सुरक्षा के सभी नियमों को ताक पर रखकर वीडियो शूट कर रहे थे। उनकी बाइक बेहद उच्च गति में थी और उनका पूरा ध्यान सड़क पर गाड़ी चलाने की बजाय मोबाइल स्क्रीन पर था। इसी लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि उन्होंने सड़क किनारे टहल रहे बुजुर्ग महेंद्र प्रताप वर्मा को सीधे जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भयंकर थी कि बुजुर्ग शिक्षक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
भागने की फिराक में दो अन्य लोगों को भी कुचला
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक घबरा गए और अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय वहां से तेजी से भागने की कोशिश करने लगे। पुलिस और स्थानीय लोगों के अनुसार, भागने के दौरान उनकी हड़बड़ाहट और तेज रफ्तार ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। मुख्य सड़क से बचकर भागने के क्रम में उनकी अनियंत्रित बाइक ने रास्ते में मौजूद विक्की कुमार (उम्र 22 वर्ष) और पंकज कुमार (उम्र 23 वर्ष) नाम के दो अन्य युवकों को भी जोरदार टक्कर मार दी।
इस दूसरी टक्कर के बाद बाइक पूरी तरह से बेकाबू हो गई और सड़क पर पलट गई। इस सिलसिलेवार सड़क हादसे में बाइक पर सवार दोनों रील्स बनाने वाले युवक (मनीष और प्रिंस) तथा राह में चपेट में आए दोनों युवक (विक्की और पंकज) घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर जमा हो गए। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मामूली चोटें होने के कारण उन्हें छुट्टी दे दी।
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और जांच जारी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही धनरुआ थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले दिवंगत महेंद्र प्रताप वर्मा के शव को अपने कब्जे में लिया और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल या सदर अस्पताल भेज दिया। इसके साथ ही, दुर्घटना में इस्तेमाल की गई उस मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है जिसके जरिए यह पूरा खौफनाक खेल खेला गया था।
धनरुआ थाना के प्रभारी अमित कुमार ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस इस पूरे मामले की बहुत बारीकी से और हर एंगल से जांच कर रही है। जब्त की गई बाइक के कागजातों की जांच की जा रही है और यह भी खंगाला जा रहा है कि उस वक्त उनके मोबाइल में कौन सा वीडियो रिकॉर्ड हो रहा था। पुलिस का कहना है कि लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में कोई भी युवा सोशल मीडिया के चक्कर में ऐसी खतरनाक हरकत करने से बचे। इस दुखद घटना के बाद से बुजुर्ग शिक्षक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और आसपास के लोग सड़क पर सुरक्षा तथा युवाओं की इस खतरनाक प्रवृत्ति को लेकर बेहद चिंतित हैं।

