पटना। बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने जाली नोटों के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। अगमकुआं थाना क्षेत्र में चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने चार अपराधियों को 2,02,500 मूल्य के नकली नोटों के साथ रंगे हाथों दबोचा। पुलिस ने इस काले कारोबार में इस्तेमाल की जा रही एक कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
यह कार्रवाई 25 मार्च 2026 को नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), परिचय कुमार के निर्देशन में गठित एक विशेष टीम द्वारा की गई। पुलिस को गोपनीय जानकारी मिली थी कि एक कार के जरिए जाली नोटों की बड़ी खेप टीवी टावर के समीप पहुंचने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तकनीकी सर्विलांस और मानवीय इनपुट का सहारा लिया और घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।
बैग में मिले 100 और 500 के नकली नोट
तलाशी के दौरान कार से एक काले रंग का बैग बरामद हुआ। जब बैग खोला गया, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। बैग के भीतर 100 के नोटों के 20 बंडल और 500 के 5 जाली नोट रखे थे। बरामद किए गए इन नोटों की कुल कीमत 2,02,500 आंकी गई है।
इटली रिटर्न मास्टरमाइंड
पुलिस हिरासत में लिए गए अभियुक्तों की पहचान राणा लॉ, राणा कुश, अश्मित कुमार (वैशाली) और आशुतोष कुमार (नालंदा) के रूप में हुई है। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरोह का मुख्य सदस्य राणा लॉ इटली से पढ़ाई पूरी करने के बाद दुबई के रास्ते भारत लौटा था और उत्तर प्रदेश से जुड़े जाली नोटों के नेटवर्क में शामिल हो गया।
नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे लंबे समय से उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से नकली मुद्रा लाकर स्थानीय बाजारों में खपाते थे। सिटी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी कर रही है और आम जनता से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
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