पटना। शहर के शास्त्री नगर इलाके में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो कानून की आड़ में अपराध का साम्राज्य चला रहा था। पुलिस ने एक कथित हाईकोर्ट वकील और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक युवक को बंधक बनाने, मारपीट करने और उसका न्यूड वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप है।
आधार सुधार के नाम पर ठगी और विवाद
घटना की शुरुआत रोहतास के निवासी अजीत कुमार की शिकायत से हुई। अजीत ने ऑर्थो लीगल सर्विसेज चलाने वाले वकील चैतन्य कृष्ण से आधार कार्ड में सुधार (भारत राजपत्र बनवाने) के लिए संपर्क किया था। इसके एवज में ₹5000 लिए गए थे लेकिन काम नहीं हुआ। 2 अप्रैल को जब अजीत ने फोन किया, तो आरोपी ने गाली-गलौज की। अगले दिन जब अजीत अपने दोस्त पंकज के साथ दफ्तर पहुंचा तो विवाद बढ़ गया।
तलवार की नोक पर बंधक और यौन उत्पीड़न
पीड़ित के अनुसार जब उन्होंने दफ्तर की बदसलूकी का वीडियो बनाना चाहा, तो चैतन्य, आलोक और मनीष ने उन पर हमला कर दिया। आरोपियों ने तलवार सटाकर दोनों को 2 घंटे तक बंधक बनाए रखा जूते-चप्पलों से पीटा और कपड़े उतरवाकर न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। आरोप है कि उन्हें नशा करने पर मजबूर किया गया और यौन उत्पीड़न का प्रयास भी हुआ। मोबाइल वापस करने के बदले ₹10,000 की मांग की गई जिसमें से ₹7,000 जबरन वसूले गए।
फर्जीवाड़े का बड़ा नेटवर्क
पुलिस की छापेमारी में दफ्तर से जालसाजी का बड़ा सामान मिला है। यहां से बिहार और यूपी के विभिन्न जिलों (जैसे पटना, गया, कैमूर, सहरसा, जौनपुर) के अनुमंडल दंडाधिकारियों की 100 से अधिक फर्जी मोहरें बरामद हुई हैं। इससे यह साफ है कि यहां बड़े पैमाने पर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे।
राष्ट्रपति भवन के नाम पर फर्जी कॉल
मामले में तब नया मोड़ आया जब गिरफ्तारी के बाद शास्त्री नगर थाने में एक महिला का फोन आया। उसने खुद को राष्ट्रपति का करीबी बताकर चैतन्य को छोड़ने का दबाव बनाया। पुलिस अब उस नंबर की जांच कर रही है। फिलहाल तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं और उनके पेन ड्राइव व मोबाइल की जांच जारी है।
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