कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मध्यप्रदेश में कक्षा पांचवी और आठवीं के रिजल्ट में ग्वालियर जिले का परिणाम बहुत खराब रहा। ऐसा इसलिए क्योंकि जिले के 87 स्कूल में एक भी बच्चा पास नहीं हुआ, इनमें 39 सरकारी और 17 स्कूल ऐसे हैं जिनमें एक-एक छात्र होने के बावजूद भी वह फेल हो गए। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने मामले में स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था, छात्रों की अटेंडेंस, टीचर्स के प्रजेंटेशन के साथ ही अन्य मुद्दों पर मंथन करते हुए आगे एक्शन लेने की बात कही है।
39 सरकारी और 48 प्राइवेट स्कूल शामिल
दरअसल ग्वालियर जिले की शिक्षा व्यवस्था और यहां की गुणवत्ता पर इसलिए सवाल उठे हैं क्योंकि क्लास पांचवी और आठवीं के इस साल घोषित रिजल्ट में 87 स्कूलों का रिजल्ट शून्य यानि जीरो रहा है इनमें 39 सरकारी और 48 प्राइवेट स्कूल शामिल है, हैरानी की बात यह भी है कि जिन स्कूलों का रिजल्ट जीरो रहा है वहां इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर टीचर्स की कोई कमी नजर नहीं आई है उसके बावजूद भी एक भी छात्र का पास ना होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है, ग्वालियर जिले के 17 प्राइवेट स्कूलों में पांचवी और आठवीं में सिर्फ एक-एक छात्र था वह छात्र भी फेल हो गए।
रिजल्ट की समीक्षा की जा रही
अब इस मामले पर ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान का कहना है कि पांचवी और आठवीं क्लास लेवल पर इस तरह का रिजल्ट आना कई सवाल खड़े करता है। ऐसे में शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के साथ ही अन्य विषयों के आधार पर रिजल्ट की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा भविष्य में इन परिणामों को कैसे बेहतर बनाया जा सके इसको लेकर आगामी दिनों में बैठक कर कई महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए जाएंगे। ताकि स्कूली शिक्षा की नींव को मजबूत किया जा सके।


