गुरुग्राम। Raheja Developers ED Action : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी रहेजा डेवलपर्स लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 782.36 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क कर ली हैं। इस कार्रवाई के बाद मामले में अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य 2,399.65 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

होमबायर्स की शिकायत से शुरू हुई जांच

ईडी की जांच आर्थिक अपराध शाखा में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। ये शिकायतें उन लोगों ने दर्ज कराई थीं जिन्होंने कंपनी की विभिन्न हाउसिंग परियोजनाओं में घर खरीदने के लिए निवेश किया था। जांच में कंपनी, उसके निदेशक नवीन एम. रहेजा और अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

हजारों खरीदारों का पैसा फंसा

जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी ने करीब 4,600 खरीदारों से लगभग 2,425.99 करोड़ रुपये जुटाए थे। आरोप है कि परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के बजाय इस धन का इस्तेमाल दूसरे कामों में किया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि हजारों खरीदार आज भी अपने घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

2026 में तीसरी बड़ी कार्रवाई

इस मामले में वर्ष 2026 के दौरान ईडी की यह तीसरी बड़ी कुर्की है। इससे पहले अप्रैल में 1,113.81 करोड़ रुपये और जून में 503.48 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की गई थीं। फिलहाल ईडी ने यह जानकारी नहीं दी है कि इस बार किन संपत्तियों को कुर्क किया गया है।

जांच जारी, आगे भी हो सकती है कार्रवाई

ईडी के अनुसार, संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का उद्देश्य जांच पूरी होने तक उन्हें बेचने या हस्तांतरित होने से रोकना है। एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और आने वाले समय में जरूरत पड़ने पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, प्रभावित खरीदारों को उम्मीद है कि जांच के बाद उनकी वर्षों पुरानी समस्या का समाधान निकल सकेगा।

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