कुंदन कुमार, पटना। राजधानी पटना में इस बार दुर्गापूजा का उल्लास एक अलग ही राजनीतिक और सामाजिक संदेश के साथ नजर आ रहा है। यमुना अपार्टमेंट के पीछे वाली गली में बना एक भव्य पंडाल लोगों के बीच मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जिसकी थीम ‘फरक्का बराज’ पर आधारित है। इस अनोखे पंडाल का अवलोकन करने के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा विशेष रूप से पहुंचे और पंडाल की सजावट व इसके जरिए दिए जा रहे संदेश की सराहना की।

​किसानों की हकमारी और फरक्का जलसंधि का मुद्दा

​पंडाल का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजय झा ने कहा कि आज जनता भी हमारी इस मांग का समर्थन कर रही है और इसकी सराहना कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह से करीब 30 साल पहले भारत और बांग्लादेश के बीच फरक्का जलसंधि हुई थी, जिसके कारण बिहार के किसानों और राज्य के हितों की लगातार हकमारी होती रही है। बिहार की नदियां और यहां का कृषि ढांचा इस संधि के दीर्घकालिक दुष्परिणामों को झेलता आया है।

​संधि की पुनर समीक्षा या समाप्ति की पुरजोर मांग

​चूंकि यह 30 साल पुरानी जलसंधि आगामी 12 दिसंबर को समाप्त होने जा रही है, इसलिए जेडीयू लगातार इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठा रही है। पार्टी का स्पष्ट रुख है कि इस संधि को या तो पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाए या फिर इसमें ऐसा व्यापक संशोधन किया जाए जिससे बिहार के किसानों और राज्य के जल संसाधनों के हितों की पूरी रक्षा हो सके। इसी उद्देश्य को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा प्रधानमंत्री से लेकर देश के गृह मंत्री तक से मुलाकात कर चुके हैं और अपनी बात मजबूती से रख रहे हैं।

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय

​त्योहार के माहौल में जन-जागरूकता का यह अनूठा तरीका राजधानी में चर्चा का विषय बन गया है। धार्मिक आयोजन के मंच से क्षेत्रीय और किसानों के आर्थिक हितों से जुड़े इस गंभीर मुद्दे को उठाने से राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। पंडाल देखने पहुंचे आम लोगों के बीच भी फरक्का बराज के प्रभावों को लेकर चर्चा छिड़ गई है, जिससे जेडीयू के इस अभियान को और अधिक बल मिल रहा है।