पटना। विजयदशमी के पावन अवसर पर राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में इस वर्ष बिहार के सबसे ऊंचे 90 फीट के रावण के पुतले का भव्य दहन किया गया। इस आकर्षक कार्यक्रम को देखने के लिए मैदान में लगभग 2.5 लाख से अधिक लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे परिसर में 120 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही थी। इस गरिमामयी समारोह में बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

आधुनिक तकनीक से लैस दिखा रावण का पुतला
इस बार का रावण दहन तकनीकी रूप से बेहद खास और अद्भुत रहा। पुतले के दहन के दौरान रावण की आंखों से अंगारे, मुंह से शोले और कानों तथा कंधों से रंगीन धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। इसके अलावा, आधुनिक लाइट एंड साउंड इफेक्ट्स का शानदार इस्तेमाल किया गया, जिसके जरिए रावण के अट्टहास (हंसने) का जीवंत दृश्य भी प्रदर्शित किया गया। इस अनूठे नजारे ने वहां मौजूद दर्शकों, खासकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह भर दिया।
बांका के प्रसिद्ध तिलडीहा दुर्गा मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़
दूसरी ओर, बांका जिले के प्रसिद्ध और ऐतिहासिक तिलडीहा दुर्गा मंदिर में विजयादशमी के मौके पर एक अलग ही धार्मिक उत्साह देखने को मिला। यहां माता के दर्शन और बलि की परंपरा को निभाने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। मंदिर परिसर और उसके आसपास भक्तों की लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी कतारें लगी रहीं। इस धार्मिक आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, और मान्यता के अनुसार 20 हजार से अधिक बलिमय अनुष्ठान संपन्न किए गए। प्रशासन और मंदिर समिति ने इतनी बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध किए थे, जिससे पूरा अनुष्ठान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

