पटना के रानीतालाब थाना क्षेत्र में एक एलआईसी एजेंट उपेंद्र कुमार ने पुलिस पर अमानवीय प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि ट्रक चोरी के मामले में उसके भाई की तलाश कर रही पुलिस उसे आधी रात बिना किसी केस के घर से उठा लाई और थाने में बेरहमी से थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया। वर्तमान में पीड़ित का इलाज पीएमसीएच (PMCH) में चल रहा है और मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

​आधी रात घर से उठाना और प्रताड़ना का दौर

​पीड़ित उपेंद्र कुमार के अनुसार, वह अपने भाई नरेंद्र कुमार से अलग रहते हैं और एलआईसी में नौकरी करते हैं। उन्होंने बताया कि 21 सितंबर की रात करीब 1:30 बजे रानीतालाब थाने की पुलिस उनके पतूत गांव स्थित घर पहुंची। नरेंद्र के घर पर न मिलने पर पुलिस ने उपेंद्र को ही पूछताछ के नाम पर जबरन हिरासत में ले लिया।
​परिवार का यह भी आरोप है कि जब पुलिस उपेंद्र को ले जा रही थी, तब विरोध करने वाली महिलाओं के साथ भी बदसलूकी की गई। पीड़ित का कहना है कि थाने के एक कमरे में उसकी छाती पर पैर रखकर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से अंधाधुंध मारपीट की गई।

​पैसे लेकर छोड़ने और स्वास्थ्य बिगड़ने का दावा

​उपेंद्र का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने और एनकाउंटर की धमकी दी। अत्यधिक पिटाई के कारण जब उसकी तबीयत बिगड़ी और पेशाब के रास्ते खून आने लगा, तब पुलिस ने आनन-फानन में उसे बिक्रम पीएचसी पहुंचाया, जहां से स्थिति गंभीर होने पर पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पीड़ित परिवार का दावा है कि 22 सितंबर की शाम को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने के बाद उसे पीआर बॉन्ड पर छोड़ा गया।

​पुलिस अधिकारियों पर आरोप

​इस मामले में रानीतालाब थानाध्यक्ष श्रवण कुमार, जीतन छपरा ओपी प्रभारी, एसआई अरुण कुमार, होमगार्ड जवान राजीव कुमार और चालक सोनू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाते हुए गृह विभाग, डीजीपी कार्यालय और मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने की बात कही है।
​घटना से तूल पकड़ने के बाद पटना पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार ने संज्ञान लिया है। पालीगंज डीएसपी-2 पंकज शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है। टीम सीसीटीवी फुटेज, हिरासत में लेने की परिस्थितियों और पैसे के लेनदेन के आरोपों की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं, रानीतालाब थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बेबुनियाद बताया है।