पटना में कानून-व्यवस्था को ताक पर रखकर अपराध और अवैध गतिविधियों में लिप छात्रों पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा मामला पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक लॉज में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने शराब और अवैध हथियार के साथ चार युवकों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि ये सभी छात्र पटना में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस के रडार पर आ गए।
चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस की कार्रवाई
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर की रात चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस को यह पुख्ता सूचना मिली थी कि क्षेत्र में स्थित शर्मा लॉज के अंदर कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि वे लॉज के कमरे में बैठकर शराब का सेवन कर रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार भी मौजूद है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस टीम ने तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया और बताए गए शर्मा लॉज पर धावा बोल दिया।
लॉज से बरामद हुआ अवैध सामान
पुलिस द्वारा की गई इस अचानक छापेमारी के दौरान कमरे की तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली। पुलिस ने मौके से दो बोतल अंग्रेजी शराब और एक देशी पिस्टल बरामद की। इसके साथ ही कमरे में मौजूद चारों युवकों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पुलिस ने उनकी पहचान और मूल निवास का खुलासा किया है, जिसके अनुसार ये सभी अलग-अलग जिलों से ताल्लुक रखते हैं और पटना में रहकर पढ़ाई कर रहे थे:
- अनमोल कुमार सिंह (18 वर्ष): पिता – मुन्ना सिंह, निवासी – देव दत्पा, थाना – देव, जिला – औरंगाबाद (बिहार)।
- पियूष कुमार (19 वर्ष): पिता – माधुरेंद्र कुमार सिंह, निवासी – खिरी दयाल, थाना – नवीनगर, जिला – औरंगाबाद (बिहार)।
- किसन कुमार (19 वर्ष): पिता – दलीप साह, निवासी – जमशेदपुर, थाना – आदित्यपुर, जिला – सरायकेला-खरसावां (झारखंड)।
- प्रदीप कुमार (18 वर्ष): पिता – जितेंद्र यादव, निवासी – जमशेदपुर, थाना – आदित्यपुर, जिला – सरायकेला-खरसावां (झारखंड)।
इन चारों में से दो युवक बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले हैं, जबकि अन्य दो झारखंड के जमशेदपुर के निवासी हैं।
हथियार के स्रोत की गहन जांच जारी
चित्रगुप्त नगर थाने के थानाध्यक्ष शंकर झा ने मीडिया को इन गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि की है। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि आखिरकार छात्रों के पास यह देशी पिस्टल कहां से आई और वे इसे अपने साथ किस उद्देश्य से रखे हुए थे। इसके अलावा, बिहार में लागू मद्य निषेध कानून के तहत शराब की बरामदगी को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध नेटवर्क या गिरोह के पीछे किसी अन्य बाहरी व्यक्ति या अपराधी का हाथ तो नहीं है। जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

