पटना। राजधानी के पॉश इलाके बोरिंग रोड स्थित मोहिनी मोड़ पर हुई अंधाधुंध फायरिंग मामले में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में वर्चस्व को लेकर हुई इस भिड़ंत में पुलिस ने कुल 15 लोगों को नामजद किया है, जिनमें से 13 आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम बिहार के बाहर अन्य राज्यों में भी दबिश दे रही है।
वर्चस्व की लड़ाई में चलीं 10 राउंड गोलियां
करीब 5 दिन पहले आधी रात को मोहिनी मोड़ के पास युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए थे। इस हिंसक झड़प में करीब 7 से 10 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें विकास नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। विकास, जो मोतिहारी के छतौनी का निवासी है और भूतनाथ इलाके में ‘यादव होटल’ चलाता है, वर्तमान में पटना के मेदांता अस्पताल में जीवन और मौत की जंग लड़ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट का रुख
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुटूश उर्फ हर्ष को अवैध पिस्टल के साथ दबोच लिया है। घायल विकास भी पुलिस की निगरानी में है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपियों में से 4 के खिलाफ कोर्ट में वारंट की अर्जी दी गई है। फरार आरोपियों की तलाश में पहलवान मार्केट और बोरिंग रोड के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
अवैध दुकानों का आतंक
स्थानीय लोगों में इस घटना के बाद से भारी दहशत है। बताया जा रहा है कि राजापुल से मोहिनी मोड़ तक के पॉश इलाके में रात के समय पार्किंग स्थलों पर अवैध दुकानें सजती हैं, जहां रईसजादे लग्जरी गाड़ियों में आकर नशा और शराब पार्टी करते हैं। घटना वाली रात भी शराब के नशे में विवाद शुरू हुआ था। दुखद पहलू यह है कि गोलीबारी की जानकारी होने के बावजूद स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस को सूचित नहीं किया, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
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