पटना। ​बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे लगभग पांच हजार नल-जल अनुरक्षकों (पंप ऑपरेटर और रखरखाव कर्मियों) ने पटना के गांधी मैदान में इकट्ठा होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से निकलकर जेपी गोलंबर तक पहुंचे, जहां पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

​51 दिनों से भूख हड़ताल और प्रमुख मांगें

​अनुरक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष गणेश चौधरी पिछले 51 दिनों से गर्दनीबाग धरना स्थल पर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उनका दावा है कि वे इतने दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। संघ का कहना है कि वे अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार या प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।

​सीएम आवास मार्च और सुरक्षा के कड़े इंतजाम

​प्रदर्शनकारियों की योजना शांतिपूर्ण तरीके से गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकालने की थी। हालांकि, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा और इनकम टैक्स चौराहा पर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ सभी शहरी थानों के थानेदार और एसडीपीओ रैंक के अधिकारी मौके पर तैनात किए गए हैं।

​सरकार को आंदोलन की चेतावनी

​अनुरक्षकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी छह सूत्रीय मांगों पर सरकार गंभीर रुख अपनाकर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन के कारण गांधी मैदान और आसपास के मुख्य मार्गों पर यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।