पटना के रामकृष्णा नगर इलाके में नीट (NEET) की तैयारी करने वाले एक छात्र गुलाम अली ने ड्यूटी पर तैनात ‘पुलिस दीदी’ को थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जबकि पुलिस उसके दो साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
मुख्य आरोपी गुलाम अली की तलाश जारी
वायरल वीडियो के तूल पकड़ने के बाद पटना पुलिस ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने आरोपी के दो साथियों की पहचान कर ली है और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि, मुख्य आरोपी गुलाम अली अभी भी फरार चल रहा है, जो पटना में रहकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) की तैयारी कर रहा था।
रिश्तेदारों का पुलिस पर गंभीर आरोप
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आरोपी के रिश्तेदार शमशाद आलम ने पटना पुलिस पर भारी ज्यादती के आरोप लगाए। शमशाद, जो पेशे से जिम ट्रेनर हैं और करीब 20 साल से पटना में रह रहे हैं, का दावा है कि पुलिस ने उन्हें और उनके भांजे को राजा बाजार से हिरासत में लिया था।
शमशाद ने सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिसकर्मी उन्हें थाने की छत पर ले गए और वहां बेरहमी से डेढ़ से दो सौ लाठियां मारीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने की एवज में 60 हजार रुपये की रिश्वत ली, जिसे उनकी पत्नी ने एटीएम से निकालकर दिया था। रविवार शाम को रिहाई के बाद दोनों ने लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल में अपना चिकित्सीय इलाज कराया।
अधिकारियों ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच
हिरासत में मारपीट और रिश्वत लेने के इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद पूर्वी एसपी शैलजा दास ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हिरासत में प्रताड़ना और पैसे वसूलने के इन आरोपों में कितनी सच्चाई है। एक तरफ जहां पुलिस महकमा अपने कर्मियों पर लगे आरोपों की जांच कर रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘पुलिस दीदी’ पर हाथ उठाने वाले मुख्य आरोपी गुलाम अली को पकड़ने के लिए पुलिस की विशेष टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।

