पटना। गर्दनीबाग धरना स्थल पर ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (AISA) के बैनर तले बिहार के छात्र-युवाओं की एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में 70वीं BPSC, BSSC, 1799 पदों पर दरोगा भर्ती और ड्राइवर भर्ती सहित विभिन्न परीक्षाओं को लेकर महीनों से धरने पर बैठे अभ्यर्थी शामिल हुए। छात्रों का आरोप है कि सरकार और आयोग उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे राज्य की पूरी शिक्षा व्यवस्था बर्बाद हो गई है।

​छात्रों का गंभीर आक्रोश

​महापंचायत में शामिल BPSC अभ्यर्थी चांद ने बताया कि वे 11 अगस्त से गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे हैं। 27 अगस्त को सरकार के साथ समझौता हुआ था और जांच कमेटी के गठन का आश्वासन मिला था, लेकिन जमीन पर अब तक कोई कार्रवाई नजर नहीं आई। महिला अभ्यर्थियों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि वे सीमित समय और पारिवारिक दबाव के बीच संघर्ष कर रही हैं।
​अभ्यर्थी प्रियतम कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार समझौता करने के बाद अभ्यर्थियों पर ही एफआईआर दर्ज करवा रही है। उन्होंने मांग की कि जब तक जांच कमेटी रिपोर्ट नहीं सौंपती, तब तक चल रही ट्रेनिंग पर रोक लगाई जानी चाहिए ताकि जनता के पैसों की बर्बादी न हो। वहीं, BSSC अभ्यर्थी प्रिया ने तीन साल से परीक्षा न होने पर गहरी निराशा जताई और सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

भर्ती को लेकर आरपार की लड़ाई

​बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती और 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती के अभ्यर्थियों ने सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ड्राइवर भर्ती में नियमों के तहत पहले महिलाओं को सीट देने के बाद बचे पदों पर पुरुषों की वैकेंसी निकाली जानी चाहिए, जैसा दरोगा भर्ती में किया जा रहा है।
​दरोगा अभ्यर्थियों ने पिछले दो महीने से जारी धरने का हवाला देते हुए 1799 पदों वाली भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने का आरोप लगाया और इसे पूरी तरह रद्द करने की मांग की।

​9 अक्टूबर को बड़े आंदोलन का ऐलान

​सरकार और आयोग के रवैये से नाराज होकर अभ्यर्थियों ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती और अन्य परीक्षाओं के अभ्यर्थियों ने घोषणा की है कि 9 अक्टूबर को गांधी मैदान से सीएम हाउस और संबंधित आयोग तक जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह आंदोलन अब तक के सभी प्रदर्शनों से ज्यादा उग्र होगा।