सुदीप उपाध्याय, बलरामपुर। जिले के रघुनाथनगर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम तुगुवां में शासकीय वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे का गंभीर मामला सामने आया है. मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के लोग सुनियोजित तरीके से वन भूमि पर कब्जा कर रहे हैं. पहले जंगल की लकड़ियां काटी जा रही हैं, और फिर उन्हीं लकड़ियों से अवैध आवास तैयार किए जा रहे हैं.
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आरोप है कि भू-माफियाओं द्वारा जंगल की सैकड़ों एकड़ भूमि पर कब्जा कर लिया गया है, जहां जंगल से ही अवैध रूप से लकड़ी काटकर बड़ी संख्या में मिट्टी के घर बनाए जा रहे हैं. इस अवैध गतिविधि से न केवल वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि वन कानूनों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध बसाहट आज-कल की नहीं, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है. इसके पीछे भू-माफिया शामिल हैं, जो न केवल जमीन पर कब्जा जमा रहे हैं, बल्कि अवैध तरीके से लकड़ी को काटकर वन संपदा को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत कई बार वन विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. विभागीय कार्रवाई नहीं होने से रोष से भरे ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कुछ कर्मचारियों की इन भू-माफियाओं से मिलीभगत की वजह से जंगल का स्वरूप बदल रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले दिनों में पूरे क्षेत्र की वन संपदा नष्ट हो सकती है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्च वन अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध कब्जों को हटाने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने बैठक कर प्रस्ताव पारित किया और वन विभाग को अवैध कब्जा हटाने के लिए लिखित रूप से अवगत कराया. बावजूद इसके विभाग द्वारा अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है, जिससे वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
कब्जाधारियों ने किया वनरक्षक पर हमला
इन अवैध कब्जों को लेकर वनरक्षक अंजनी सोनवानी ने बताया कि कई बार कब्जाधारियों पर कार्रवाई की गई है. बीते दिनों मेरे ऊपर कुछ कब्जाधारियों द्वारा हमला भी किया गया था. अब मामले में संयुक्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं वन मंडलाधिकारी आलोक वाजपेई ने कहा कि टीम गठित कर जल्द से जल्द अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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