नई दिल्ली. कोरोना काल में कोरोना की चपेट में आए लोग एक समय के बाद बाद ठीक तो हो गए पर क्या आप जानते है उन्हें इसकी कीमत अभी तक भुगतनी पड़ रही है. उन्हें नींद की समस्या ने घेर रखा है.

पोस्ट कोविड के बाद नींद की लड़ाई

कोरोना से लड़ाई जीतनें के बाद मरीज अब अपनी नींद से हार गए हैं. रात में बिस्तर पर लेटने के दो से तीन घंटे बाद भी नींद नहीं आ रही है. नींद पूरी भी नहीं हो पा रही है. बड़ी मुश्किल चार से पांच घंटे सो पा रहे हैं. वह भी किश्तों में. 18 से 19 घंटे जाग रहे हैं. यह दिक्कत कोरोना से ठीक होने के चार महीने बाद पनपी है. इस तरह की समस्या आ रही है,

  • लेटने के एक से दो घंटे बाद भी नींद नहीं आना
  • आठ घंटे के बजाय चार से पांच घंटे किश्त में सोना
  • नींद टूट रही है, जागने के दो तीन घंटे बाद नींद आना

शोध में हुआ खुलासा

इस बात का प्रमाण केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के शोध में मिले हैं. जिरियाट्रिक व रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग ने पोस्ट कोविड ओपीडी के 200 मरीजों पर शोध किया. जिनकी उम्र 18 से 55 साल है. 50 फीसदी में नींद से जुड़ी परेशानी पाई गई है. रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है.

अनिद्रा से निजात पाने का इलाज- India TV Hindi

नींद के अलावा कोरोना ने खड़े की ये परेशानी

दूसरी लहर में ठीक हुए मरीजों में सबसे पहले सांस संबंधी परेशानी पनपी. फिर बुखार ने घेरा. इसके बाद मरीजों में तनाव व उलझन बढ़ा. इन दिक्कतों से उबरने में मरीजों को कम से कम तीन से चार माह लगे. इसके बाद नींद से जुड़ी समस्याओं ने उन्हें घेर लिया है.

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कुछ तरीकें अपना कर आप इस समस्या को कम कर सकते है