Pink Salt Myth : जैसे-जैसे हेल्दी लाइफस्टाइल का ट्रेंड बढ़ रहा है, वैसे-वैसे “नेचुरल” और “ऑर्गेनिक” फूड्स की लोकप्रियता भी तेज़ी से बढ़ी है. इन्हीं में से एक है पिंक साल्ट यानी हिमालय से निकाला जाने वाला सेंधा नमक. कई लोग मानते हैं कि इसमें 80+ मिनरल्स होते हैं, इसलिए यह साधारण आयोडीन युक्त नमक से ज्यादा हेल्दी है. लेकिन क्या सच में ऐसा है? आइए विस्तार से समझते हैं.

क्या पिंक साल्ट में ज्यादा मिनरल होते हैं?
हां, पिंक साल्ट में आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम जैसे सूक्ष्म मिनरल्स होते हैं. लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि ये मिनरल्स बहुत ही कम मात्रा में होते हैं — इतने कम कि रोजमर्रा के सेवन से शरीर को कोई खास पोषण लाभ नहीं मिलता. इसलिए “80+ मिनरल्स” का दावा सुनने में आकर्षक जरूर है, पर व्यावहारिक रूप से इसका फायदा सीमित है.
आयोडीन क्यों ज़रूरी है?
आयोडीन शरीर के लिए एक अत्यंत आवश्यक तत्व है, क्योंकि यह थायरॉइड हार्मोन बनाने में मदद करता है.मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करता है. बच्चों में दिमागी विकास के लिए जरूरी है. गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. भारत में पहले आयोडीन की कमी एक बड़ी समस्या थी, जिसके कारण गॉइटर (घेंघा) और मानसिक विकास में कमी जैसे रोग आम थे. इसलिए सरकार ने आयोडीन युक्त नमक को बढ़ावा दिया.
पिंक साल्ट में आयोडीन की कमी
पिंक साल्ट प्राकृतिक रूप से आयोडीन युक्त नहीं होता (या बहुत ही नगण्य मात्रा में होता है). अगर कोई व्यक्ति नियमित रूप से आयोडीन युक्त नमक की जगह सिर्फ सेंधा नमक इस्तेमाल करता है, तो उसे आयोडीन की कमी हो सकती है. संभावित समस्याएं थायरॉइड की गड़बड़ी, थकान और वजन बढ़ना, बच्चों में सीखने की क्षमता में कमी, गर्भावस्था में जटिलताएं आती है.
क्या करना चाहिए?
1-रोजमर्रा के खाने में आयोडीन युक्त नमक का उपयोग करें.
2-सेंधा नमक का इस्तेमाल व्रत या स्वाद के लिए कभी-कभार किया जा सकता है.
3-अगर आप पिंक साल्ट इस्तेमाल कर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि आपके आहार में आयोडीन के अन्य स्रोत (जैसे डेयरी, अंडे, समुद्री खाद्य पदार्थ) पर्याप्त मात्रा में हों.
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