PM Modi Bhajan Clubbing: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार, 25 सितंबर को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर हुआ। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी गुजराती और हिंदी भजनों के बीच खंजरी बजाते और गुनगुनाते नजर आए।
क्या है ‘भजन क्लबिंग’?
‘भजन क्लबिंग’ पारंपरिक भजन और कीर्तन को आधुनिक म्यूजिक और कॉन्सर्ट जैसे माहौल के साथ पेश करने का उभरता हुआ ट्रेंड है। इसमें युवा पारंपरिक भजनों के साथ आधुनिक म्यूजिकल अरेंजमेंट, लाइटिंग और स्टेज प्रोडक्शन का अनुभव लेते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने जनवरी 2026 के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी इस ट्रेंड का उल्लेख करते हुए कहा था कि Gen Z भजन क्लबिंग के जरिए आध्यात्मिकता और आधुनिकता को जोड़ रही है। PMO के अनुसार, ऐसे आयोजनों में आधुनिक प्रस्तुति के बावजूद भजनों की गरिमा और आध्यात्मिक भाव को बनाए रखने पर जोर दिया जाता है।
Melbourne में भी किया था भजन क्लबिंग का जिक्र
जुलाई 2026 में मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने ‘भजन क्लबिंग’ को Gen Z से जुड़ा नया ट्रेंड बताया था। उन्होंने कहा था कि युवा पीढ़ी अपनी आस्था और सांस्कृतिक जड़ों से आधुनिक तरीके से जुड़ रही है।
Gen Z को क्यों पसंद आ रहा है ‘भजन क्लबिंग’?
इस ट्रेंड में सामूहिक गायन, तालियां, संगीत और आधुनिक स्टेज प्रोडक्शन के जरिए युवाओं की भागीदारी बढ़ती है। कई आयोजनों में भजनों को इलेक्ट्रॉनिक, टेक्नो या लाइव इंस्ट्रूमेंट्स के साथ प्रस्तुत किया जाता है।
यही वजह है कि भजन क्लबिंग को परंपरा, आधुनिक संगीत और सामुदायिक अनुभव के संगम के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक भक्ति संगीत को युवाओं के बीच नए और समकालीन अंदाज में प्रस्तुत करना है।
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