राजकुमार पाण्डेय की कलम से
पूर्व मंत्री ने दी मंत्री के मामले को हवा
अपने बयानों को लेकर सरकार के एक और मंत्री विवादों में आ गए. बयान वाले दिन तो मुददा जोर-शोर से नहीं उठा. यह होता देख पूर्व मंत्री से रहा नहीं गया. उन्होंने माहौल बनाने के लिए सारे जतन किए और विपक्ष को बयानबाजी से आगे बढ़कर मैदान में उतरने के लिए राजी कर लिया. फिर क्या था चल पड़ी हवा. हालांकि अपने बयान को लेकर मंत्री ने माफी मांगी तो यह बयान भी पूर्व मंत्री को जोर-शोर से खल रहा है. बता दें पूर्व मंत्री भी अपने किसान आधारित बयानों को लेकर चर्चित रहे हैं.
बने रहने के लिए कलेक्टर ने लगाई पूर्व विधायक के यहां हाजिरी
प्रमोशन के बाद तो कलेक्टरी बची रही, क्योंकि एसआईआर के चलते तबादलों पर रोक है. अब एसआईआर का काम निपटते ही आईएएस को कलेक्टरी जाने का खतरा सताने लगा है. कलेक्टरी बचाने के लिए कलेक्टर साहब ने और कहीं नहीं बल्कि पूर्व विधायक के यहां हाजिरी लगाई है. कलेक्टर साहब को उम्मीद है नेताजी विधायक का चुनाव भले ही हार गए हों, लेकिन गुट विशेष से आने के कारण उनकी अपने जिले में तूती बोलती है और यह खबर सरकार भी भली भांति समझती है. हालांकि एसआईआर का काम खत्म होने के बाद साहब की कलेक्टरी बचा पाना पूर्व विधायक के लिए भी किसी परीक्षा से कम नहीं है.
ये भी पढ़ें: पॉवर गॉशिप: मंत्रीजी की कुर्सी जाती दिख रही है…4 एकड़ में 70 पेटी की सौदेबाजी…सरकारी बंगला नया ठिकाना…मैनेजमेंट से मंत्रीजी नाराज
पूर्व मंत्री की नजर काटकर चलते बने कार्यकर्ता
राजनीति में एक उसूल सा हो गया है कि जो दूसरे का वह मेरा नहीं. इस उसूल का सबसे अधिक डर समर्थक कार्यकर्ताओं को सताता है. इसी डर के चलते कभी समर्थक रहे कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री की नजर से बचना ही उचित समझा. दरअसल समर्थक प्रदेश कार्यालय पहुंचे थे. इसी दौरान वहां बैठक का समापन हो गया. समर्थक विरोधी गुट के नेताजी के सामने हाथ में हाथ बांधे खड़े ही थे कि वहां से पूर्व मंत्री का निकलना हो गया. समर्थक सकते में. पूर्व मंत्री की नजर से बच निकलने में ही समर्थकों ने अपनी भलाई समझी. हालांकि समर्थक अभी भी असमंजस में हैं कि कहीं उन पर पूर्व मंत्री की नजर पड़ तो नहीं कई थी.
ये भी पढ़ें: पॉवर गॉशिप: कार्यकर्ता ने ही भेजे इंदौर के फोटो.. इससे अच्छा तो कलेक्टर बने रहना ही अच्छा था.. बाद में विपक्षी दल पहले अपने..पब्लिक फोरम पर कलेक्टर को लगने लगा है डर
फिर दिखावे के लिए मिलने लगे
सूची कैंसिल हुई तो अब जगह बनाने के लिए फिर मेल-मुलाकातों का किस्सा शुरू हो गया है. मेल-मुलाकातों से पहले और बाद में जमकर कानाफूसी होती है कि दिल से मिलने नहीं आए हैं. पहले की तरह सिर्फ दिखावे के लिए मिलने लगे हैं. जैसे ही सूची में नाम चिपका तो फिर पुराने जैसे हाल हो जाएंगे. बड़ी बात ये है कि एक-दो नहीं बल्कि चारों ओर से ये काना-फूसी हो रही है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक


