Prahlad Gunjal Rajiv Dutta High Court Case: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकी देने के मामले में पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल ने राजस्थान हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की है।

याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस उमाशंकर व्यास की एकलपीठ ने पुलिस से केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

जिस वीडियो से दर्ज हुई FIR, उसी की सत्यता पर सवाल

प्रह्लाद गुंजल की ओर से अधिवक्ता महेश शर्मा ने अदालत में दलील दी कि पुलिस ने जिस वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया है, उसका सत्यापन तक नहीं कराया गया। याचिका में सवाल उठाया गया कि वीडियो कहां से आया और किसने बनाया, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है। अधिवक्ता ने यह भी कहा कि वीडियो के आधार पर धमकी देने से जुड़ी धाराएं लगा दी गईं, जबकि जिस व्यक्ति को धमकी देने की बात कही गई है, उसने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई। याचिकाकर्ता ने इस कार्रवाई पर रोक लगाने और एफआईआर रद्द करने की मांग की है।

पुलिस ने इन धाराओं में दर्ज किया है मामला

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, प्रह्लाद गुंजल पर मंदिर में बिना अनुमति सभा करने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि दूसरे वीडियो की जांच में गुंजल सभा के दौरान लोगों को उकसाते और लोकसभा स्पीकर के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकी देते दिखाई दिए। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(A), 132, 308(2) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत केस दर्ज किया गया। पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर सभा के वीडियो वाली पेन ड्राइव भी रिकॉर्ड पर ली है।

21 अक्टूबर को कोलाना गांव में दिया था बयान

दरअसल, प्रह्लाद गुंजल का 21 अक्टूबर को बूंदी जिले के कोलाना गांव में दिया गया एक बयान सामने आया था। इसमें उन्होंने राजीव दत्ता को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। वीडियो में वह कहते सुनाई दिए थे कि राजीव दत्ता की वजह से पूरे राजस्थान में थू-थू हुई है। उन्होंने आगे कहा था कि राज बदलने के बाद दत्ता की हालत ऐसी कर देंगे कि वह घर में बैठे-बैठे आत्महत्या करने या किसी को गोली मारने के बारे में सोचेंगे। इस बयान के सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

17 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने प्रह्लाद गुंजल को नोटिस भी जारी किया था। अब गुंजल ने एफआईआर को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अदालत ने पुलिस से केस डायरी और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। 17 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई में पुलिस की ओर से रिकॉर्ड पेश किया जाएगा। फिलहाल हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने को लेकर कोई अंतिम आदेश नहीं दिया है।

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