कुमार उत्तम/मुजफ्फरपुर। चुनाव परिणामों के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पहली बार मुजफ्फरपुर पहुंचे। यहां उन्होंने मारीपुर स्थित एक निजी होटल में विधानसभा वार पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर विस्तृत फीडबैक लिया। इसके पश्चात मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने अपने आगामी रोडमैप और बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर खुलकर चर्चा की।
भितियाहरवा से नई यात्रा का आगाज
प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्होंने बेतिया के ऐतिहासिक भितिहरवा आश्रम से अपनी यात्रा का दूसरा चरण शुरू किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नए सिरे से जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को गहराई से समझेंगे और उनके स्थायी समाधान पर काम करेंगे। पीके ने कहा, मेरा उद्देश्य जनता के बीच रहकर उनकी आवाज को मजबूती देना है।
नीतियों पर प्रहार और रोजगार का विजन
सरकार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जन सुराज के अभियान का ही असर है कि सरकार को मजबूरी में पेंशन बढ़ानी पड़ी और बिजली रियायतें देनी पड़ीं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वोट लेने के बाद अब बिहार की याद नहीं आ रही। पीके ने जोर देकर कहा कि वे हर पंचायत में फैक्ट्री और स्थानीय स्तर पर 10 से 15 हजार रुपये के स्थायी रोजगार की व्यवस्था के लक्ष्य पर अडिग हैं।
विपक्ष और तेजस्वी पर तीखा हमला
जनादेश का सम्मान करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ने एनडीए को सत्ता, राजद को विपक्ष और उन्हें जनता के बीच काम करने का आदेश दिया है। तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि उनका ‘भ्रष्टाचार मिटाने’ का दावा वैसा ही है जैसे कोई शेर कहे कि सबको शाकाहारी बन जाना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि अब ‘जंगलराज’ का डर दिखाकर वोट लेने की राजनीति नहीं चलेगी।
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