कुंदन कुमार, पटना। राज्य सरकार ने कार्यवाहक डीजीपी (DGP) प्रीता वर्मा के कार्यकाल को आगे बढ़ाते हुए उन्हें अगले आदेश तक इस पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना 5 अक्टूबर को जारी कर दी गई है।

​बिहार की पहली महिला DGP

​1991 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी प्रीता वर्मा को बीते 15 सितंबर को बिहार के डीजीपी अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। इस प्रभार के साथ ही वे बिहार पुलिस के इतिहास में डीजीपी की कमान संभालने वाली पहली महिला आईपीएस अधिकारी बन गईं। अपने शानदार सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है:

  • ​प्रमुख जिम्मेदारियां: वर्तमान में उनके पास गृह रक्षा वाहिनी और अग्निशमन सेवाओं के डीजी (DG) की जिम्मेदारी भी है।
  • ​पूर्व पद: वह इससे पहले डीजी ट्रेनिंग के पद पर भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं।
  • ​केंद्रीय प्रतिनियुक्ति: केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में भी कार्य किया था।
  • ​सम्मान: उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं को देखते हुए वर्ष 2023 में उन्हें प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से नवाजा गया था।

​संपत्ति का विवरण और रिटायरमेंट

​आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, प्रीता वर्मा वर्ष 2028 में अपनी सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होंगी। हाल ही में उनके द्वारा घोषित संपत्ति और देनदारियों के विवरण के मुताबिक:

  • ​नकदी और बैंक बैलेंस: उनके पास 35,000 नकद और विभिन्न बैंकों तथा वित्तीय संस्थानों में लगभग 12.08 लाख जमा हैं।
  • ​आभूषण: उनके पास करीब 60 तोला सोना (अनुमानित कीमत 35 लाख) और लगभग 3 किलो चांदी के जेवरात व अन्य सामान (कीमत करीब 1.80 लाख) मौजूद हैं।
  • ​अन्य निवेश: उनके नाम पर एलआईसी (LIC) की कई पॉलिसी और एक एसबीआई (SBI) फिक्स्ड डिपॉजिट भी दर्ज है।
  • ​अचल संपत्ति: संपत्ति के विवरण में अचल संपत्ति, मकान या जमीन के कॉलम में कोई राशि दर्ज नहीं है, तथा उनके द्वारा आयकर के रूप में 9,32,788 की राशि जमा कराई गई है।

​गृह विभाग की ताजा अधिसूचना से यह स्पष्ट हो गया है कि जब तक सरकार की तरफ से कोई नया पूर्णकालिक या वैकल्पिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक प्रीता वर्मा ही बिहार पुलिस की सर्वोच्च कमान संभालती रहेंगी।