Crude Oil Price Falls: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से पूरी दुनिया में हलचल मच गई है. इसका सबसे ज्यादा असर एशिया में भारतीय मुद्रा पर देखने को मिल रहा है, जो डॉलर के मुकाबले गिरकर 94.01 के स्तर तक पहुंच गई है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.

ब्रेंट क्रूड कारोबार के दौरान 15 प्रतिशत तक गिरकर 96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. 11 मार्च के बाद ऐसा पहली बार था जब इसकी कीमत 100 डॉलर की नीचे आयी. इसी के साथ ही, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) भी 13.5 प्रतिशत गिरकर 85.25 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया.

ईरान वॉर पर ट्रंप का बड़ा दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ वार्ता जारी है और फिलहाल वहां के बिजली प्लांट के ऊपर हमला नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों से बातचीत चल रही है और आने वाले कुछ दिनों तक यह जारी रहेगी. ऐसे में अगले पांच दिनों तक तेहरान के ऊर्जा प्लांट्स को निशाना नहीं बनाया जाएगा.

ट्रंप के इस ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिससे वैश्विक बाजारों को कुछ राहत मिली है.

ईरान का बातचीत से इनकार

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों के विपरीत ईरान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अमेरिका के साथ शांति को लेकर किसी भी प्रकार की बातचीत नहीं हुई है. तेहरान ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

ईरान की न्यूज एजेंसी इरना के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के पावर प्लांट पर हमला न करने का फैसला ईरान की ओर से दी गई चेतावनी के बाद लिया गया. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मध्यस्थों के जरिए भी ईरान से किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया है.

गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को अब चार सप्ताह हो चुके हैं और कहीं से भी शांति के संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच, ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद किए जाने के कारण तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. इसका असर भारत सहित कई देशों पर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m