दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू (Taranjit Singh Sandhu) ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से शिष्टाचार भेंट की। मंगलवार को उपराज्यपाल के रूप में शपथ लेने के बाद यह संधू की पीएम मोदी से पहली मुलाकात थी। इस साल 5 मार्च को उन्हें दिल्ली की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जबकि उनके पूर्ववर्ती वीके सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था। संधू ने इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी साझा की है।

भारतीय विदेश सेवा (IFS) के 1988 बैच के अधिकारी तरनजीत सिंह संधू अमेरिकी मामलों में अनुभवी भारतीय राजनयिक हैं। उन्होंने वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास में कई बार अपनी सेवाएं दी हैं और फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे।इसके अलावा, 63 वर्षीय संधू जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी कार्यरत रहे। उनके अनुभव ने उन्हें भारत की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में विशेष विशेषज्ञता दिलाई है। तरनजीत सिंह संधू ने 2024 में पंजाब के अमृतसर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह इस चुनाव में जीत नहीं पाए।

दिल्ली कैबिनेट से भी की मुलाकात

इससे पहले, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने मंगलवार को लोक निवास में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार की विभिन्न पहलों और योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी। इसके अलावा, उपराज्यपाल ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त और विशेष आयुक्तों के साथ भी बैठक की। उन्होंने दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उनके प्रयासों की सराहना की और आने वाली चुनौतियों पर चर्चा की।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने उपराज्यपाल का पद संभालने के एक हफ्ते के भीतर ही विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारियों के साथ सिलसिलेवार बैठकें की हैं। इन बैठकों में उन्होंने शासन और विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। संधू ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (NASSCOM) ग्लोबल कॉन्फ्लुएंस 2026’ में भी हिस्सा लिया और ‘राष्ट्र निर्माण में प्रौद्योगिकी की भूमिका’ विषय पर मुख्य भाषण दिया।

दिल्ली में अपने पहले कार्यक्रम में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि देश के विकास का भविष्य डिजिटल है, लेकिन इसमें मानवीयता बनी रहनी चाहिए। अमेरिका में राजनयिक के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नैसकॉम के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह उपयुक्त है कि एसोसिएशन द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल कॉन्फ्लुएंस’ उनके शुरुआती कार्यक्रमों में से एक है।

संधू ने कहा कि इतिहास हमें सिखाता है कि राष्ट्र पत्थर, इस्पात और पसीने की बुनियाद पर बनते हैं। लेकिन 2026 में राष्ट्र निर्माण का स्वरूप बदल गया है। आज का सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा अक्सर दिखाई नहीं देता; यह फाइबर-ऑप्टिक केबलों, एल्गोरिदम की कार्यप्रणाली और डेटा के निर्बाध प्रवाह में मौजूद है। उन्होंने ‘X’ प्लेटफॉर्म पर भी पोस्ट की, जिसमें कहा कि उन्होंने समावेशी और भविष्य के लिए तैयार भारत के निर्माण में नवाचार, डिजिटल अवसंरचना और प्रौद्योगिकी की परिवर्तनकारी भूमिका पर बल दिया।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m