चंडीगढ़। पंजाब में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़े निवेश का दावा किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के अनुसार, पिछले चार वर्षों में राज्य में करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। सरकार का कहना है कि इन निवेशों से लगभग 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

उद्योग विभाग की प्रगति की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि निवेश में यह बढ़ोतरी पंजाब के औद्योगिक माहौल में निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है। उनके मुताबिक, सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मंजूरी प्रक्रिया को आसान बनाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने पर लगातार काम कर रही है।

मोहाली निवेश के मामले में सबसे आगे

वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) के जरिए मिले नए निवेश प्रस्तावों में एसएएस नगर यानी मोहाली सबसे आगे रहा है। मोहाली को 9,478 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

इसके बाद लुधियाना में 4,968 करोड़ रुपये, पटियाला में 2,590 करोड़ रुपये और होशियारपुर में 2,003 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

अन्य जिलों की बात करें तो फतेहगढ़ साहिब में 1,265 करोड़ रुपये, बठिंडा में 1,248 करोड़ रुपये, कपूरथला में 1,037 करोड़ रुपये और जालंधर में 1,003 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।

पारंपरिक औद्योगिक केंद्रों से बाहर बढ़ रहा निवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में औद्योगिक निवेश अब कुछ चुनिंदा पारंपरिक शहरों तक सीमित नहीं रह गया है। अलग-अलग जिलों में नए निवेश प्रस्ताव आने से औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार हो रहा है। इससे रोजगार, उद्यमिता और स्थानीय स्तर पर आय के नए अवसर बनने की उम्मीद है।

सरकार के अनुसार, CAF के माध्यम से आए कुल निवेश प्रस्तावों में करीब 49.8 प्रतिशत हिस्सा मोहाली और लुधियाना का है। मोहाली में आईटी, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन से जुड़े कारोबार का विस्तार तेजी से हो रहा है।

कई बड़े उद्योगों ने किया निवेश या विस्तार

मुख्यमंत्री ने बताया कि पंजाब में टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, आईची स्टील्स, वर्धमान, नेस्ले, हिंदुस्तान लीवर, कारगिल, डी ह्यू, एचएमईएल, संथान टेक्सटाइल और फ्रूडेनबर्ग जैसी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने निवेश किया है या अपनी मौजूदा गतिविधियों का विस्तार किया है।

उन्होंने कहा कि कृषि, मैन्युफैक्चरिंग, इंजीनियरिंग, टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों के साथ-साथ टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और आधुनिक विनिर्माण जैसे सेक्टर भी पंजाब के औद्योगिक विकास में नई भूमिका निभा रहे हैं।

इन सेक्टरों में भी बढ़ रहा निवेश

सरकार के मुताबिक, नए निवेश प्रस्तावों में रियल एस्टेट, हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर, अलॉय स्टील एवं मेटल मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, बायो-एनर्जी, रिन्यूएबल एनर्जी, ऑटोमोबाइल कंपोनेंट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों में विविधता आने से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए विकल्प तैयार करने में मदद मिल सकती है।

एमएसएमई के लिए बनाए जा रहे विशेष क्लस्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत करने के लिए औद्योगिक क्लस्टरों को बढ़ावा दे रही है। मोहाली में हाई-टेक मेटल क्लस्टर को मंजूरी दी गई है।

वहीं लुधियाना में ऑयल एक्सपेलर एवं कल-पुर्जा निर्माण, टेक्सटाइल और हनी प्रोसेसिंग से जुड़े विशेष क्लस्टरों को मंजूरी दी गई है। पटियाला में कटिंग टूल क्लस्टर विकसित करने की योजना है।

इन क्लस्टरों के जरिए उद्योगों को साझा बुनियादी ढांचा, आधुनिक तकनीक, कौशल विकास, बड़े स्तर पर उत्पादन और बेहतर मार्केटिंग कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

दो बड़े औद्योगिक पार्कों को भी मंजूरी

सरकार ने औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पंजाब में दो बड़े औद्योगिक पार्क प्रोजेक्टों को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इन परियोजनाओं से आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचा तैयार होगा और नए उद्योगों की स्थापना के साथ मौजूदा इकाइयों के विस्तार के लिए भी बेहतर माहौल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि सरकार कनेक्टिविटी, औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबार की सुगमता और प्रशासनिक सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है, ताकि निवेशकों को इकाई स्थापित करने और विस्तार करने में अनावश्यक प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।

निवेश के साथ रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार की औद्योगिक नीति का उद्देश्य केवल निवेश के आंकड़े बढ़ाना नहीं है। इसके जरिए निवेश को रोजगार, उद्यमिता, आय में वृद्धि और युवाओं के लिए बेहतर अवसरों में बदलने पर जोर दिया जा रहा है।

सरकार के मुताबिक, 1.89 लाख करोड़ रुपये का निवेश और करीब 6.31 लाख रोजगार अवसर पंजाब में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार को दर्शाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के पास कुशल मानव संसाधन, प्रतिभा, उद्यमशीलता, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और मजबूत औद्योगिक आधार जैसी क्षमताएं मौजूद हैं। सरकार का लक्ष्य इन क्षमताओं को टिकाऊ आर्थिक विकास में बदलने के लिए उद्योगों के साथ साझेदारी में काम करना है।

उन्होंने कहा कि राज्य में नए निवेश और नए विचारों का स्वागत किया जाएगा तथा तेजी से मंजूरी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नीतिगत सहयोग और जवाबदेह प्रशासन के जरिए निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने का प्रयास जारी रहेगा।

पंजाब में पिछले चार वर्षों में 1.89 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। सरकार के अनुसार इससे 6.31 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनेंगे। मोहाली निवेश में सबसे आगे रहा।
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