मोहाली. पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने त्यौहार के पहले राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी खुशियां दी है. उनके हित में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बड़ा ऐलान किया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कर्मचारियों और पेंशनभोगी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद महंगाई भत्ते में 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने की घोषणा की. इस फैसले के बाद कर्मचारियों का कुल DA बढ़कर 50 प्रतिशत हो जाएगा.इस फैसले से राज्य के करीब 8 लाख कर्मचारी और पेंशनर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान लाभान्वित होंगे.

पंजाब सरकार के मुताबिक बढ़े हुए महंगाई भत्ते का लाभ कर्मचारियों को अक्टूबर में मिलने वाली सैलरी से दिखाई देगा. महंगाई भत्ते में यह वृद्धि 4-4 प्रतिशत की दो किस्तों में किए जाने की बात कही गई है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि कर्मचारियों और पेंशनभोगी संगठनों के साथ बैठक सकारात्मक रही. उन्होंने कहा कि कर्मचारी सरकार के लिए परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी समस्याओं का बातचीत के जरिए समाधान किया जाएगा.

पुराने मुद्दों पर भी हुई चर्चा

बैठक में सिर्फ महंगाई भत्ते बढ़ाने का फैसला ही नहीं हुआ, बल्कि कर्मचारियों से जुड़े कई पुराने मुद्दों पर भी चर्चा की गई. इनमें पुरानी पेंशन योजना, प्रोबेशन पीरियड के दौरान वेतन और आशा तथा मिड-डे मील वर्करों से जुड़े मामले भी शामिल हैं. इन मुद्दों के स्थायी समाधान के लिए अक्टूबर के पहले सप्ताह में पंजाब सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच एक और बैठक प्रस्तावित है. इस बैठक में भी कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है.

महिला कर्मचारियों की पोस्टिंग पर भी घोषणा

बैठक के दौरान महिला सरकारी कर्मचारियों को लेकर भी एक महत्वपूर्ण घोषणा की गई. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के अनुसार, महिला कर्मचारियों की सहूलियत को भी देखा जाएगा. इसके लिए ध्यान देते हुए उनकी तैनाती उनके घर से 40 किलोमीटर के दायरे में करने की नीति पर जोर दिया जाएगा. पंजाब सरकार का उद्देश्य महिला कर्मचारियों को नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ पारिवारिक दायित्वों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद करना है. अगर ऐसा होता है तो महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरकार की ओर से अब तक दी गई सरकारी नौकरियों का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि राज्य में करीब 70 हजार सरकारी नौकरियां पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया के जरिए दी गई हैं. पंजाब सरकार के मुताबिक भर्ती प्रक्रिया में मेरिट और उम्मीदवारों की मेहनत को प्राथमिकता दी गई है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब के विकास के लिए पंजाब सरकार और कर्मचारियों के मिलकर काम करने की बात दोहराई.