पिछले 24 घंटों में पंजाब के हेल्थ कैम्प्स ने 1,035 कैंपों के ज़रिए कुल 13,318 मरीजों का इलाज किया, जिनमें बुखार के मरीज 1,423, दस्त के 303, त्वचा के रोगी 1,781, आँखों की परेशानियों के 811 और अन्य बीमारियों के मरीज़ शामिल है। यह तेज़ी से बढ़ती बीमारियों के सामने सरकार के मेडिकल सिस्टम की चुस्ती और तत्परता का प्रमाण है। हेल्थ कैम्पों ने न सिर्फ़ इलाज किया, बल्कि बीमारियों की ट्रैकिंग और बेहतर प्रबंध की नई मिसाल भी पेश की है।
घरों में हुए नुकसान और लोगों के विस्थापन के मुद्दे पर आशा वर्कर्स ने 1,079 गांवों का सर्वे किया और 46,243 परिवारों को राहत सामग्री, आश्रय और आवश्यक सहायता पहुंचाने का आंकड़ा जारी किया। 12,524 परिवारों को सेहत से जुड़ी विशेष किटें भी दी गई, जिससे उनके जीवन की मुख्य ज़रूरते उपलब्ध हो सकी। बुखार के कुल 863 मरीजों को तुरंत उपचार मिला, जिससे व्यापक फैलाव की आशंका को समय रहते नियंत्रित किया गया।
पुनर्निर्माण की दिशा में भी सरकार ने अभूतपूर्व गति दिखाई। सरकारी एजेंसियों ने 1,363 गांवों की सफाई, 49,806 घरों की स्वच्छता और 624 घरों में मलवे/कचरे का तत्काल निष्कासन सुनिश्चित कराया। 15,368 घरों में अन्य जरूरी मरम्मत और सफाई का काम भी पूरा हुआ। नालियों और सड़कों की सफाई—पानी निकासी तथा कचरा प्रबंधन की नई व्यवस्था के कारण, बाढ़ के बाद संक्रमण और दुर्गंध को काफी हद तक रोकने में सफलता मिली।अधिकारियों द्वारा 834 गांवों में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों की सक्रिय ट्रैकिंग एवं फॉगिंग/डिसइंफेक्शन कार्यवाही की गई। राहत और पुनर्वास अभियान को लोगों का भरपूर समर्थन मिला, जिससे सामाजिक एकजुटता का भी संदेश गया।
पंजाब सरकार की टीमों ने स्थानीय प्रशासन और मेडिकल स्टाफ के समन्वय से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी जागरूकता, दवा वितरण, स्वच्छता अभियान और इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स को ज़मीन पर साकार किया। जितनी तेज़ी से हालात बदले, उतनी ही तत्परता से पूरे राज्य में राहत कार्य सुव्यवस्थित किए गए।
हर कार्रवाई को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है और पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। हेल्थ डिपार्टमेंट की मॉनिटरिंग से लेकर ग्राउंड पर राहत कार्य की गति तक, सरकार ने यह सिद्ध कर दिया कि जनता की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोपरि है—चाहे हालात जितने भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हो।

सरकार के इन प्रयासों की वजह से पंजाब को दोबारा सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया तेज़ हो पाई है। हर नागरिक तक राहत पहुंचाने, बीमारियों को समय रहते रोकने, और पुनर्वास-निर्माण में पारदर्शिता बरतने के लिए सरकार को भरपूर सराहना मिल रही है।पंजाब सरकार की नीतियां और ग्राउंड लेवल पर सफल प्रशासनिक टीम वाकई आज देश के लिए एक मिसाल बन गई है, जो बाढ़ जैसी आपदा के बुरे वक्त में भी “चौकन्ना प्रशासन, और मजबूत पंजाब” का नारा सिद्ध कर दिखाती है। सिर्फ यही नहीं सरकार का लोगों तक ये आंकड़े व् रिकॉर्ड पंजाब सरकार की कड़ी मेहनत का सच्चा सबूत है।
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