जालंधर. पंजाब में पलारी जलाने से चारों तरफ वातावरण दूषित हो रहा है। इसे लेकर सरकार अब अहम कदम उठाते हुए कार्रवाई कर रही है। इस सख्ती से कुछ लोग सुधर गए हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो अभी पलारी जलाने का काम कर रहे हैं जिससे आसपास का वातावरण बेहद दूषित हो रहा है। आंकड़ों की माने तो अन्य राज्यों की अपेक्षा पंजाब में पलारी जलाने के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, जिससे लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ता भी जा रहा है।
आंकड़ों की माने तो कार्यवाही के बाद भी पराली जलाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे पर्यावरण की चिंता बढ़ गई है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 सितंबर से 19 अक्टूबर तक पराली जलाने की कुल 2,733 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से अधिकतर मामले पंजाब में दर्ज किये गये हैं। यह एक चिंतनीय विषय बन कर सरकार के सामने आ गया है।

पंजाब में 1,393 मामले सामने आए, जो बाकी सभी राज्यों से दोगुना है। इसके बाद यूपी का नंबर है, जहां पराली जलाने के 687 मामले सामने आए हैं। जबकि हरियाणा में 642 और दिल्ली में 11 मामले सामने आए हैं। सभी राज्यों में लगातार प्रशासन पलारी जलाने को लेकर लोगों में अभियान चला रहे हैं और यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि पलारी जलाने से आसपास के वातावरण और प्रदूषण में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होती है।
- हाईकोर्ट का बड़ा फैसला : बीमा कंपनी की अपील खारिज, सड़क हादसे में मृतक परिवार को 53.40 लाख का मुआवजा बरकरार
- जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार: 681 शिविरों का सफल आयोजन, 33 हजार जन शिकायतों का त्वरित समाधान
- बिलासपुर एयरपोर्ट पर पहली बार नाइट लैंडिग की सफल टेस्टिंग, खराब मौसम और रात में भी अब उड़ानें संभव
- 52nd Khajuraho Dance Festival: CM डॉ. मोहन ने वर्चुअली किया शुभारंभ, इस बार नटराज थीम पर केन्द्रित है नृत्य समारोह
- छत्तीसगढ़ में डिप्टी कलेक्टर की पोस्ट पर 50–50 का फार्मूला, राजपत्र में जारी हुई अधिसूचना, संघ ने जताया आभार


