चंडीगढ़. पंजाब में सरकारी कर्मचारियों की सामूहिक छुट्टी और हड़ताल के बीच राज्य की भगवंत मान सरकार ने ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. हालत को देखते हुए मान सरकार ने 21 अक्टूबर 2026 को सक्षम अधिकारी से पहले छुट्टी मंजूर करवाए बिना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करने के निर्देश जारी किए हैं.

इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशन में पंजाब सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने आधिकारिक पत्र जारी किया है, जिसे लेकर कर्मचारियों में चर्चा शुरू हो गई है.

खबर है कि सरकार की ओर से जारी पत्र में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभाग प्रमुखों और जिला उपायुक्तों को अपने-अपने कार्यालयों में अनुपस्थित कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए कहा गया है. अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जो निर्धारित प्रक्रिया के तहत छुट्टी की पूर्व अनुमति लिए बिना ड्यूटी पर नहीं पहुंचे. अनुमान है कि सरकार ऐसे कर्मचारियों पर अब नकेल कसने वाली है मनमानी के मूड में है.

सरकारी पत्र के मुताबिक, राज्य के विभिन्न कार्यालयों में 21 अक्टूबर को कई कर्मचारी सक्षम अधिकारी से छुट्टी की अग्रिम मंजूरी लिए बिना अनुपस्थित रहे थे. मान सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों की सूची बनाने के लिए कहा है. हालांकि, जारी निर्देशों में सूची तैयार करने की बात कही गई है.

आपको बता दें कि पंजाब में 21 और 22 अक्टूबर को सरकारी कर्मचारियों तथा पेंशनरों की सामूहिक छुट्टी और हड़ताल से जुड़ी गतिविधियां चल रही हैं. इसी दौरान सरकार ने बिना पूर्व अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों का रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए हैं इन अधिकारियों पर अब कार्यवाही भी हो सकती है.