रविंद्र भारद्वाज, रायबरेली. धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले एक संगठित अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. ये गिरोह मुख्य रूप से मंदिरों से भारी पीतल के बड़े-बड़े घंटे (ब्रास बेल्स) चुराकर उन्हें स्क्रैप या ठठेरी बाजार में बेच देता था. गिरोह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों में सक्रिय था और रात के समय मंदिरों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था.

पुलिस अधीक्षक रायबरेली डॉ. यशवीर सिंह के निर्देशन में गठित विशेष टीम को मुखबिर सूचना मिली कि गिरोह के सदस्य रायबरेली क्षेत्र में सक्रिय हैं और चोरी का माल लेकर जा रहे हैं. सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी की. जब पुलिस ने कार्रवाई शुरू की, तो गिरोह के सदस्यों ने फायरिंग कर दी. पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी गोली से घायल हो गया. घायल को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है.

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मुठभेड़ के बाद पुलिस ने गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि वे लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहे थे. वे रात के अंधेरे में मंदिर परिसर में घुसकर घंटे को उतार लेते थे. चोरी के बाद पीतल के इन घंटों को ठठेरी बाजार या स्क्रैप डीलरों को बेच दिया जाता था, जहां इन्हें पिघलाकर अन्य सामान बनाया जाता है. बरामद सामान 3 क्विंटल 13 किलो (313 किलोग्राम) पीतल के घंटे विभिन्न आकारों में बरामद हुए. ये घंटे कई मंदिरों से चुराए गए थे. अन्य चोरी के औजार, संभावित वाहन और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है.

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. यह गिरोह लंबे समय से मंदिरों को निशाना बनाकर संगठित अपराध कर रहा था. मुखबिर सूचना और हमारी टीम की सतर्कता से यह बड़ी सफलता हासिल हुई. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे अन्य वारदातों और चुराए गए घंटों का भी खुलासा होने की संभावना है. जनता से अपील है कि मंदिरों में संदिग्ध गतिविधियां देखकर तुरंत पुलिस को सूचित करें. ऐसे अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.