राहुल गांधी चुनाव आयोग, SIR और वोटर लिस्ट से जुड़े विवाद पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। करीब सवा घंटे की देरी से शुरू हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने कहा कि CEC विवाद के बाद आया कि सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी कैसे काम नहीं करती। उन्होंने कहा कि भारत में हर सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी होती है, इंदिरा गांधी बांग्लादेश युद्ध जीतने के बाद भी हारीं, फिर भाजपा के साथ ऐसा क्यों नहीं हुआ। कांग्रेस और बाकी दलों ने सत्ता विरोधी लहर का सामना किया लेकिन बीजेपी लगातार चुनाव कैसे जीत रही है? महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनाव में धांधली हुई।

सरकार ने CEC को कानून से ऊपर रखा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जहां तानाशाही है, वहीं सत्ता विरोधी लहर नहीं है… 2024 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद हुए सारे विधानसभा चुनाव में धांधली हुई है… वोट चोरी हर भारतीय के अधिकार का हनन है.. वोट चोरी का मतलब कानून की चोरी है… मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने चुना था… मैंने इस नियुक्ति का विरोध किया था… सरकार ने CEC को कानून से ऊपर रखा… भारत की चुनाव व्यवस्था को CEC ने पूरी तरह बर्बाद कर दिया है… हमारे पास वोट चोरी के सारे सबूत हैं… अगले 6 महीने में सारा पर्दाफाश हो जाएगा… दो चुनाव आयुक्तों ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बोला.

राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से मांगा इस्तीफा

गुरुवार को प्रेस को संबोधित करते हुए राहुल ने कहा, ‘ज्ञानेश कुमार को रिजाइन कर देना चाहिए. हमारे पास पर्याप्त सबूत हैं. इस वोट चोरी को साबित करने के लिए जिस पोजिशन पर ज्ञानेश कुमार बैठे हैं, उन्हें सीरियसली सोचना चाहिए. प्रधानमंत्री और अमित शाह इस कांस्प्रेसी में शामिल हैं.

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