रायपुर। शहर में प्रतिबंधित नशीली टैबलेट नाइट्रोसन-10 की अवैध बिक्री के मामले में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और गंज पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से 209 टैबलेट, वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 43 हजार 600 रुपये बताई गई है। मामले में नारकोटिक एक्ट के तहत केस दर्ज कर टैबलेट की सप्लाई और बिक्री से जुड़े नेटवर्क की जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, 18 अक्टूबर को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को सूचना मिली थी कि गंज इलाके में तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे एक व्यक्ति दोपहिया वाहन पर नशीली टैबलेट लेकर ग्राहक तलाश रहा है। सूचना मिलने के बाद टास्क फोर्स और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
स्कूटी की डिक्की में मिलीं टैबलेट
पूछताछ में पकड़े गए युवक ने अपनी पहचान रोहित धरमवानी (27), निवासी पार्वती नगर, मुर्राभट्ठी, गुढ़ियारी, रायपुर के रूप में बताई। पुलिस टीम ने उसकी स्कूटी की डिक्की की तलाशी ली तो उसमें निट्राजेपम (नाइट्रोसन-10) की टैबलेट मिलीं। पुलिस के अनुसार, टैबलेट रखने और उनकी बिक्री से जुड़े वैध दस्तावेज युवक पेश नहीं कर सका।

इसके बाद पुलिस ने उससे टैबलेट मिलने के स्रोत के बारे में पूछताछ की। इस दौरान रोहित ने कथित तौर पर बताया कि उसे ये टैबलेट फाफाडीह इलाके के रहने वाले करण यादव (28) से मिली थीं। इस जानकारी के आधार पर टीम ने करण की तलाश की और उसे भी पकड़ लिया।
स्कूटी और मोबाइल समेत 1.43 लाख का सामान जब्त
पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 209 नशीली टैबलेट जब्त की हैं। इसके अलावा मामले में इस्तेमाल की गई स्कूटी क्रमांक CG 04 RC 5848 और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1,43,600 रुपये बताई है।
इस मामले में गंज थाने में अपराध क्रमांक 313/26 के तहत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धारा 22(ख) में केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।
टैबलेट कहां से आईं, इसकी जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नाइट्रोसन-10 की टैबलेट आरोपियों तक कहां से पहुंचीं और इन्हें किन लोगों को बेचा जाना था। जांच में टैबलेट की उपलब्धता, परिवहन, बिक्री और सप्लाई से जुड़े संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की भी जांच कर रही है। यानी टैबलेट आरोपियों तक पहुंचाने वाले लोगों और उनसे आगे खरीदने या बेचने वालों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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