रायपुर। मोबाइल दुकान खोलने के सपने ने एक 19 साल युवक को साइबर ठगी के रास्ते पर धकेल दिया। ऑनलाइन फाइनेंस और प्री-अप्रूव्ड लोन की आड़ में एमजी रोड चौपाटी सहित आसपास के इलाकों में ठेले लगाने वाले और छोटे कारोबारियों को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को मौदहापारा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

बता दें कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुदित पाठे उर्फ कृष पवार (उम्र 19 साल), पिता विजय कुमार पाठे के रूप में हुई है, जो कि मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा का रहने वाला है। आरोपी दसवीं पास है और पढ़ाई छोड़ने के बाद फाइनेंस सेक्टर में काम करने की इच्छा लेकर रायपुर आया था।
ऐसे बनाता था विश्वास, फिर करता था ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले ठेले वालों और छोटे व्यापारियों से मेलजोल बढ़ाता था। वह विभिन्न ऑनलाइन फाइनेंस, कैशबैक और इन्वेस्टमेंट ऐप्स की जानकारी जुटाकर पीड़ितों को शुरुआती तौर पर वास्तविक लाभ दिलवाता—जैसे कैशबैक, प्रोमो कोड और रेफरल बोनस। इससे पीड़ितों का भरोसा जीतना उसके लिए आसान हो जाता था।
विश्वास बनने के बाद आरोपी पीड़ितों के आधार कार्ड, पैन कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य निजी दस्तावेजों तक पहुंच बना लेता था। लोन प्रक्रिया में मदद, प्रोसेसिंग फीस माफ कराने जैसे बहानों से वह पीड़ितों को आश्वस्त करता और किसी भी तरह का संदेह नहीं होने देता।
प्री-अप्रूव्ड लोन लेकर रकम की हेराफेरी
आरोपी इसके बाद अलग–अलग फाइनेंस ऐप्स के जरिए पीड़ितों के नाम पर प्री-अप्रूव्ड लोन स्वीकृत कराता और प्राप्त राशि को अपने ऑनलाइन वॉलेट व अन्य खातों में ट्रांसफर कर देता था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि वह एक दर्जन से अधिक फाइनेंस और इन्वेस्टमेंट एप्लिकेशनों का इस्तेमाल कर रहा था।
कोरोना काल के बाद आर्थिक स्थिति हुई कमजोर, पढ़ाई छोड़ बनाया ठगी का प्लान
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता पहले इंश्योरेंस सेक्टर में कार्यरत थे, लेकिन कोरोना काल के बाद आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। इसी वजह से उसने दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए फाइनेंस व निवेश से जुड़ी जानकारी हासिल की। उसका दावा है कि ठगी से जुटाई गई रकम से वह अपने गृह नगर में मोबाइल की दुकान खोलना चाहता था।
ट्रेन से फरार होने से पहले पुलिस ने दबोचा

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता और एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल ने स्वयं साक्ष्यों का परीक्षण किया और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षक मुकेश शर्मा के नेतृत्व में मौदहापारा पुलिस ने ट्रेन से फरार होने से ठीक पहले आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
दर्जनभर बैंक कार्ड और अन्य सामग्री बरामद
एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के सुपरविजन में पुलिस ने आरोपी से दर्जनभर बैंक कार्ड, क्रेडिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ठगी की रकम विभिन्न ऑनलाइन वॉलेट्स के जरिए चैनलाइज किए जाने के सबूत भी मिले हैं। फिलहाल आरोपी के बैंक खातों, वॉलेट्स, मोबाइल फोन और संबंधित ऐप्स की गहन जांच जारी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी अन्य मामलों में भी संलिप्त हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों, खासकर छोटे व्यवसायियों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन लोन या फाइनेंस ऑफर में अपने दस्तावेज और मोबाइल किसी अनजान व्यक्ति को सौंपने से पहले पूरी सतर्कता बरतें।
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