फरीदाबाद: एनआईटी स्थित राजा नाहर सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का अधूरा निर्माण जल्द दोबारा शुरू हो सकता है। नगर निगम ने स्टेडियम के शेष काम के लिए 163.46 करोड़ रुपये की नई डीपीआर तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है। नई योजना के तहत स्टेडियम की दर्शक क्षमता 25 हजार से बढ़ाकर 30 हजार की जाएगी। बजट को मंजूरी मिलते ही निर्माण शुरू करने की तैयारी है। नगर निगम ने मार्च 2027 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

नई योजना में स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन के अनुरूप तैयार किया जाएगा। इसके लिए मौजूदा स्टैंड तोड़कर नए बनाए जाएंगे। खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, मीडिया सेंटर और प्रसारण सुविधाओं को भी बेहतर किया जाएगा।

पुराने स्टैंड तोड़कर बनाए जाएंगे नए

नई डीपीआर में दर्शकों के बैठने, प्रवेश और बाहर निकलने की व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया है। आईआईटी की सिफारिश के बाद पुराने स्टैंड को मजबूत करने की योजना को व्यावहारिक नहीं माना गया। इसके बाद उन्हें तोड़कर नए सिरे से बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया।

स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक ड्रेसिंग रूम और मीडिया सेंटर बनाया जाएगा। प्रसारण टीमों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

पिच और ड्रेनेज सिस्टम में भी होगा सुधार

स्टेडियम की पिच और आउटफील्ड को बेहतर बनाने की योजना है। इसके साथ जल निकासी और सिंचाई व्यवस्था में भी सुधार किया जाएगा। खानपान, सुरक्षा और पार्किंग की सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा, ताकि मैच के दौरान दर्शकों को आने-जाने में परेशानी न हो।

1988 में हुआ था पहला वनडे मुकाबला

राजा नाहर सिंह स्टेडियम में पहला वनडे अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 19 जनवरी 1988 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया था। यहां आखिरी वनडे 31 मार्च 2006 को भारत और इंग्लैंड के बीच हुआ था। इसके बाद स्टेडियम में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला गया।

वर्ष 2015 में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने 115 करोड़ रुपये की लागत से स्टेडियम के जीर्णोद्धार की घोषणा की थी। काम 2020 तक पूरा होना था, लेकिन विजिलेंस जांच के कारण निर्माण करीब छह साल तक अटका रहा।

वर्ष 2024 में राहत मिलने के बाद निर्माण की जिम्मेदारी फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) को दी गई थी। बाद में यह जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी गई।

पुरानी योजना से करीब 50 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च

पहले स्टेडियम के जीर्णोद्धार पर 115 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान था। अब नई डीपीआर में शेष निर्माण कार्य की लागत 163.46 करोड़ रुपये आंकी गई है। यानी पिछली योजना के मुकाबले करीब 50 करोड़ रुपये अधिक खर्च होने का अनुमान है।

नगर निगम के अधीक्षण अभियंता ओमबीर सिंह ने बताया कि डीपीआर सरकार को भेज दी गई है। बजट की मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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