Rajasthan Congress News: कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को देशभर में विस्तार देने के लिए 208 AICC पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इनमें राजस्थान के 20 कांग्रेस नेता भी शामिल हैं। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 16 अक्टूबर को नियुक्तियों की सूची जारी की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। पर्यवेक्षकों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जहां वे अभियान की गतिविधियों की निगरानी और समन्वय करेंगे।

राजस्थान के किन 20 नेताओं को मिली जिम्मेदारी?

राजस्थान से नियुक्त पर्यवेक्षकों में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, पूर्व मंत्री रघु शर्मा और पूर्व विधायक धीरज गुर्जर शामिल हैं। सांसद कुलदीप इंदौरा, मुरारी लाल मीणा, हरीश मीणा, उम्मेदाराम बेनीवाल और संजना जाटव को भी इस सूची में जगह मिली है।

विधायकों में शिखा मील बराला, अमीन कागजी, मनीष यादव, मुकेश भाकर और रफीक खान शामिल हैं। इनके अलावा पूर्व विधायक मनीषा पंवार, पवन गोदारा, संगीता बेनीवाल, संजीता सिहाग, आरसी चौधरी, सीताराम लाम्बा और दिनेश खोड़निया को भी पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

जिलों में अभियान की निगरानी करेंगे पर्यवेक्षक

कांग्रेस की ओर से नियुक्त ये पर्यवेक्षक अलग-अलग जिलों में अभियान की गतिविधियों को देखेंगे। उनकी जिम्मेदारी अभियान के संचालन और समन्वय की होगी। पार्टी की ओर से जल्द ही उन्हें जिले आवंटित किए जाने हैं।

कांग्रेस की योजना अभियान को जिला मुख्यालयों तक सीमित रखने के बजाय ब्लॉक, गांव और बूथ स्तर तक पहुंचाने की है। इसके लिए स्थानीय कार्यकर्ताओं के माध्यम से मतदाताओं से संपर्क करने और उनकी शिकायतें सामने लाने पर जोर दिया जा रहा है।

मतदाता सूची और SIR पर कांग्रेस का फोकस

कांग्रेस के मुताबिक, ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाना है। पार्टी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मताधिकार से जुड़े सवालों को भी अभियान में उठा रही है।

कांग्रेस इन मुद्दों पर चुनाव आयोग के सामने अपनी मांगें रख रही है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों और कथित अनियमितताओं के बारे में लोगों को जागरूक किया जाएगा। ये मुद्दे अभियान की प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहेंगे।

10 से 20 अक्टूबर तक ब्लॉक स्तर पर कार्यक्रम

इससे पहले 10 से 20 अक्टूबर तक देशभर में कांग्रेस की ओर से ब्लॉक स्तर पर पदयात्रा, बाइक रैली और साइकिल रैली जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी इन गतिविधियों के जरिए अभियान को स्थानीय स्तर पर पहुंचाने की कोशिश कर रही है।

अब पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के बाद जिलों में अभियान के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पार्टी की रणनीति कार्यकर्ताओं के जरिए गांवों और बूथों तक पहुंचने की है।

25 अक्टूबर से शुरू होगा अभियान का दूसरा चरण

पार्टी नेताओं के मुताबिक, अभियान का दूसरा चरण 25 अक्टूबर से शुरू होकर दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक चलेगा। इस दौरान कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच जाकर SIR, मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दों पर जागरूकता अभियान चलाएंगे।

208 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ कांग्रेस ने देशभर में अभियान के संचालन के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की हैं। राजस्थान के 20 नेताओं को मिली जिम्मेदारी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। अब इन नेताओं को जिले आवंटित होने के बाद अभियान की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जाएगा।

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