Rajasthan Congress Panchayat Election: राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी ने गांवों तक प्रचार अभियान पहुंचाने के लिए वरिष्ठ नेताओं की कैंपेन कमेटी बनाई है। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कमेटी का गठन किया है।

गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से जारी सूची में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट, डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत कई नेताओं को शामिल किया गया है। पार्टी अब वरिष्ठ नेताओं की सक्रियता और संगठन के जरिए पंचायत स्तर तक प्रचार मजबूत करने की तैयारी में है।

गहलोत, पायलट और जूली समेत कई बड़े नाम शामिल

कैंपेन कमेटी में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली प्रमुख हैं।

इनके अलावा पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, हरीश चौधरी, नीरज डांगी, जितेंद्र सिंह, रामकेश मीणा, रफीक खान, उदयलाल आंजना, प्रमोद जैन भाया, सालेह मोहम्मद, प्रताप सिंह खाचरियावास, शकुंतला रावत, ममता भूपेश, गणेश घोघरा, हरसहाय यादव, एमडी चौपदार और सीबी यादव को भी कमेटी में शामिल किया गया है।

जिलों में प्रचार की जिम्मेदारी संभालेंगे वरिष्ठ नेता

कांग्रेस की योजना वरिष्ठ नेताओं को जिलावार जिम्मेदारी सौंपने की है। पार्टी नेताओं के मुताबिक, कैंपेन कमेटी प्रचार की दिशा और रणनीति तय करेगी। इसके साथ ही नेताओं के दौरे और चुनावी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।

जिन जिलों की जिम्मेदारी नेताओं को दी जाएगी, वहां वे प्रचार अभियान में सक्रिय रहेंगे। जरूरत पड़ने पर स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और जिला कांग्रेस कमेटियों की मांग के अनुसार उन्हें दूसरे क्षेत्रों में भी भेजा जा सकता है।

अग्रिम संगठनों को भी अभियान से जोड़ने की तैयारी

कांग्रेस ने अपने अग्रिम संगठनों की भूमिका को भी अहम माना है। इन संगठनों के प्रदेश अध्यक्षों को कैंपेन कमेटी में अतिरिक्त सदस्यों के रूप में शामिल किया गया है।

इसका उद्देश्य पार्टी के अलग-अलग संगठनों के बीच तालमेल बढ़ाना और प्रचार को गांवों तक पहुंचाना है। पार्टी की कोशिश है कि वरिष्ठ नेताओं के साथ स्थानीय कार्यकर्ता भी चुनावी अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

निकाय चुनाव के बाद पंचायत चुनाव पर फोकस

हाल ही में हुए निकाय चुनावों के बाद कांग्रेस ने अब पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया है। पार्टी के सामने स्थानीय स्तर पर संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की चुनौती भी है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, कांग्रेस पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों के चयन और प्रचार रणनीति पर भी चर्चा कर रही है। कैंपेन कमेटी के गठन के बाद अब जिलों में नेताओं की जिम्मेदारियां और प्रचार कार्यक्रम अहम होंगे। पार्टी गांवों में अपनी पहुंच मजबूत करने के लिए वरिष्ठ नेतृत्व, स्थानीय नेताओं और अग्रिम संगठनों के बीच तालमेल बढ़ाने की तैयारी में है।

पढ़ें ये खबरें