Rajasthan Congress Protest: SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) में कथित गड़बड़ी और वोट चोरी के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को राजस्थानभर में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया। जयपुर में शहर कांग्रेस ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी और वामदलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। करीब डेढ़ घंटे तक नारेबाजी के बाद कांग्रेस नेताओं ने 10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का ऐलान किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया कि राजस्थान से 50 हजार कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।

जयपुर कलेक्ट्रेट पर हुए प्रदर्शन में डोटासरा के साथ नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश प्रभारी पुखराज पाराशर, पूर्व मंत्री बीडी कल्ला, विधायक रफीक खान सहित कई नेता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी हुई। कलेक्ट्रेट के आसपास यातायात भी प्रभावित हुआ।

10 अक्टूबर को दिल्ली कूच का ऐलान

प्रदर्शन के बाद डोटासरा और टीकाराम जूली ने कार्यकर्ताओं से 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। डोटासरा ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान से करीब 50 हजार कांग्रेस कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे।

डोटासरा ने राहुल गांधी के साथ दिल्ली में हुए व्यवहार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल कथित वोट चोरी की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक विपक्षी सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी की लड़ाई लड़ी है और अंग्रेजों को देश से बाहर किया था। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा।

डोटासरा ने यह भी दावा किया कि आंदोलन का असर इतना व्यापक होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्तीफा देने तक की स्थिति आ सकती है।

जूली बोले- चुनाव आयुक्त क्या विदेशी हैं?

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राहुल गांधी के साथ व्यवहार को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश का नेता प्रतिपक्ष चुनाव आयोग के अधिकारियों से नहीं मिल सकता, जबकि आम जनप्रतिनिधि और आम नागरिक चुनाव आयोग जाकर अपनी बात रख सकते हैं।

जूली ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस का इस्तेमाल कर आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संविधान लोगों को विरोध करने का अधिकार देता है और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए सड़क पर उतरना लोकतांत्रिक अधिकार है।

खाचरियावास बोले- यह देश की लड़ाई

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि उन्होंने ऐसा पहले कभी नहीं देखा कि देश के नेता प्रतिपक्ष को सड़कों पर घसीटे जाने और धक्का-मुक्की की स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि सरकार को राहुल गांधी को विश्वास में लेकर उनकी बात सुननी चाहिए।

खाचरियावास ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी राहुल गांधी से बातचीत करने की बात कही। उनके मुताबिक सरकार की जिम्मेदारी है कि विपक्ष के सवालों का जवाब दिया जाए।

बूंदी में कांग्रेस ने मनाया काला दिवस

इसी क्रम में बूंदी जिला कांग्रेस कमेटी ने भी प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यालय से कार्यकर्ता रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं के हाथों में पार्टी के झंडे और तख्तियां थीं। यहां केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की गई।

जिलाध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों के साथ हुए व्यवहार के विरोध में काला दिवस मनाया गया है। उन्होंने कहा कि सवालों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाना चाहिए।

पीसीसी सदस्य चमेश शर्मा ने कहा कि विपक्षी सांसदों के साथ कथित खराब व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मतदाता सूची की सत्यता को लेकर उठ रहे सवालों का भी जिक्र किया। प्रदर्शन में देवराज गोचर, अंकित बुलीवाल, शैलेश सोनी, रामकरण मीणा और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

राजस्थान में कांग्रेस का यह प्रदर्शन ऐसे समय हुआ है जब SIR को लेकर पार्टी और विपक्षी दल लगातार चुनाव आयोग से सवाल पूछ रहे हैं। कांग्रेस ने अब अपने अगले बड़े कार्यक्रम के तौर पर 10 अक्टूबर के दिल्ली आंदोलन पर फोकस किया है।

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