Rajasthan Constable Exam Fraud: राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एसआई भर्ती परीक्षा के बाद अब पुलिस कांस्टेबल भर्ती में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। SOG की सूचना के आधार पर जालोर पुलिस की जांच में सामने आया है कि 2018 और 2021 की कांस्टेबल भर्ती परीक्षाओं में 38 अभ्यर्थियों ने फर्जी तरीके से नौकरी हासिल की थी।

जांच में पाया गया कि कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाए, जबकि कुछ का फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के आधार पर चयन हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी 38 कांस्टेबल के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। दोनों मामलों की जांच अब SOG कर रही है।
दरअसल, राजस्थान पुलिस भर्ती एवं पदोन्नति बोर्ड ने जुलाई 2024 में जालोर जिला एसपी को पत्र भेजकर पिछले पांच वर्षों में हुई भर्तियों की जांच के निर्देश दिए थे। इसमें फर्जी दस्तावेज और डमी अभ्यर्थियों के जरिए नौकरी पाने वाले मामलों की जांच करने को कहा गया था।
11 कांस्टेबल के खिलाफ दर्ज हुई पहली FIR
जालोर पुलिस की गठित जांच समिति ने एडमिट कार्ड, फोटो और हस्ताक्षरों का मिलान किया। जांच में 11 कांस्टेबल के हस्ताक्षर भर्ती दस्तावेजों से मेल नहीं खाते पाए गए। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर जिला एसपी के माध्यम से SOG को भेजी गई।
इन 11 कांस्टेबलों में प्रदीप कुमार, अनिल कुमार, संजय कुमार, धनवत्नी, प्रियंका, ललिता, निरमा, सपना शर्मा, संदीप कुमार, पंकज कुमार और सोहनलाल शामिल हैं। SOG ने सभी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
26 कांस्टेबल पर दूसरी FIR
इसके अलावा 2018 की भर्ती परीक्षा से जुड़े 26 कांस्टेबल के दस्तावेजों में हस्ताक्षर मैच नहीं हुए। जिनके खिलाफ FIR दर्ज की गई है इनमें जैसाराम, दिनेश कुमार, अर्जन कुमार, घेवरचंद, यशवंत सिंह, बदराम, गोपीलाल, हरीश कुमार, नरपत सिंह, नपाराम, सुरेशकुमार, चतराराम, भाणाराम, रमेश कुमार, सुशीला कुमारी, शांतिलाल, देवी सिंह, जितेंद्र कुमार, राकेश कुमार, मुकेश कुमार, डूंगराराम, रेवंतीरमन और खुशीराम सहित अन्य शामिल हैं।
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