Rajasthan Cyber Fraud: राजस्थान पुलिस ने साइबर ठगी को लेकर लोगों को फिर चेताया है। पुलिस के आधिकारिक हैंडल से जारी संदेश में कहा गया है कि आपने ₹5 लाख जीते हैं जैसे मैसेज, लिंक या कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। इनाम का लालच ठगी का जाल हो सकता है। पुलिस ने लोगों से कहा है कि किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचें। इसका सीधा मंत्र है, रुकें, जांचें और फिर क्लिक करें।

राजस्थान में साइबर ठगी के मामले बढ़े
राजस्थान में साइबर धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। 2026 के पहले सात महीनों में साइबर धोखाधड़ी से करीब ₹387 करोड़ के नुकसान का आंकड़ा सामने आया है। निवेश घोटाले, फर्जी नौकरी, डिजिटल अरेस्ट और इनाम-लॉटरी के नाम पर ठगी के मामले इनमें शामिल हैं। जयपुर-अलवर-भरतपुर-दौसा कॉरिडोर को खास तौर पर प्रभावित इलाकों में बताया गया है।
ऐसे शुरू होता है इनाम का पूरा खेल
ठग एसएमएस, WhatsApp या फोन कॉल के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। संदेश में बताया जाता है कि उन्होंने ₹5 लाख, कार या कोई बड़ा इनाम जीता है। इसके बाद लिंक पर क्लिक करने या दिए गए नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा जाता है।
लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट सामने आ सकती है। यहां टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, जीएसटी या ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं। कुछ मामलों में कूरियर के जरिए स्क्रैच कूपन भी भेजे जाते हैं। इन कूपन में 10 से 15 लाख रुपए या कार जीतने की बात बताई जाती है। इनाम पाने की उम्मीद में लोग ठगों को रकम ट्रांसफर कर देते हैं। पैसे मिलने के बाद ठग संपर्क बंद कर देते हैं।
राजस्थान में पहले भी सामने आए लॉटरी घोटाले
राजस्थान में इनाम और लॉटरी के नाम पर साइबर ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2025 में पुलिस ने कूरियर और स्क्रैच कूपन के जरिए होने वाले लॉटरी घोटाले को लेकर विशेष अलर्ट जारी किया था।
इस तरह के मामलों में ठग नामी कंपनियों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को फोन करते थे। कूपन स्क्रैच करने पर बड़ी रकम या कार जीतने की बात कही जाती थी। इसके बाद रजिस्ट्रेशन, टैक्स और दूसरे शुल्क के नाम पर रकम वसूली जाती थी।
पुराने नोट-सिक्कों के नाम पर भी ठगी
पुराने नोट और सिक्कों के बदले लाखों रुपए का इनाम देने वाले गिरोह भी सक्रिय रहे हैं। सितंबर 2026 में जयपुर पुलिस ने ऐसे एक अंतरराज्यीय गिरोह के आठ सदस्यों को गिरफ्तार किया। इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं। पुलिस के अनुसार, गिरोह Facebook पर Reels के जरिए लोगों को निशाना बनाता था।
साइबर ठगी के दूसरे बड़े मामलों में ‘बॉसस्कैम’ में ₹6.80 करोड़ की ठगी, शेयर ट्रेडिंग घोटाले का ₹500 करोड़ तक का नेटवर्क और फर्जी कॉल सेंटर से जुड़े मामले शामिल हैं। राज्य में सालाना करीब 25,000 नए साइबर मामले बढ़ रहे हैं।
साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें?
- अनजान नंबर या लिंक से आए इनाम के संदेश पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें।
- किसी के साथ OTP, बैंक डिटेल या निजी जानकारी शेयर न करें।
- संदिग्ध लिंक खोलने से पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जानकारी जांचें।
- ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
- WhatsApp पर 9256001930 या 9257510100 पर भी शिकायत की जा सकती है।
- ठगी के तुरंत बाद शिकायत करने से रकम फ्रीज कराने की संभावना बढ़ सकती है।
- cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
राजस्थान पुलिस का संदेश: रुकें, जांचें और फिर क्लिक करें
राजस्थान पुलिस सोशल मीडिया, बिलबोर्ड और हेल्पलाइन के जरिए साइबर ठगी को लेकर लोगों को जागरूक कर रही है। ‘साइबरशील्ड’ जैसे अभियानों के जरिए फर्जी कॉल सेंटर और गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है।
साइबर ठगी से बचने का सबसे जरूरी तरीका सावधानी है। कोई भी अनजान मैसेज, कॉल या लिंक इनाम का लालच दे तो पहले उसकी सत्यता जांचें। संदेह होने पर 1930 पर संपर्क करें।
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