Rajasthan Love Marriage Law: राजस्थान की सियासत में लव-मैरिज और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रतनगढ़, चूरू से भाजपा विधायक पुसाराम गोदारा ने इन रिश्तों पर नकेल कसने की वकालत की है। विधायक का साफ कहना है कि राज्य में अब ऐसे विवाहों पर कानूनन रोक लगनी चाहिए, जिनमें माता-पिता की सहमति शामिल न हो।

क्या है विधायक का प्रस्ताव?

मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक गोदारा ने स्पष्ट किया कि वे आगामी विधानसभा सत्र में एक प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि वर्तमान में लव-मैरिज और लिव-इन रिलेशनशिप से समाज में विकट स्थिति पैदा हो रही है, जिससे 36 कौम की भावनाएं आहत होती हैं। विधायक ने मांग है कि शादी में माता-पिता की मंजूरी अनिवार्य हो। विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) जारी करने से पहले परिजनों की सहमति देखी जाए। लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएं।

गुजरात मॉडल का दे रहे हवाला

विधायक ने अपने तर्क को पुख्ता करने के लिए गुजरात का उदाहरण दिया है। उन्होंने बताया कि गुजरात सरकार मैरिज एक्ट में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट तैयार कर रही है। इस प्रस्तावित ड्राफ्ट के तहत, घर से भागकर शादी करने वाले जोड़ों के विवाह का पंजीकरण न करने का प्रावधान है, ताकि ऐसी शादियों को कानूनी वैधता न मिल सके।

वहीं विधायक गोदारा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय चौपालों तक बहस छिड़ गई है। जहां एक पक्ष इसे संस्कार और सामाजिक मर्यादा बचाने की कवायद बता रहा है, वहीं दूसरा पक्ष इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन मान रहा है।

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