Rajasthan LPG Price Hike: राजस्थान के रसोई घरों में अब गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में उस समय हंगामा मच गया जब एलपीजी सिलेंडर के दाम और सब्सिडी का मुद्दा गरमाया। सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई।

दरअसल, मामला तब शुरू हुआ जब शेरगढ़ से भाजपा विधायक बाबू सिंह राठौड़ ने सदन में सवाल उठाए। देखते ही देखते बात अंतरराष्ट्रीय बाजार के गणित से होती हुई राजस्थान के हर घर तक पहुंच गई। हैरानी की बात यह है कि एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों ने विपक्ष को सरकार घेरने का बड़ा मौका दे दिया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सीधे तौर पर सवाल किया कि घरेलू गैस के दाम 80 रुपये और कमर्शियल के 120 रुपये तक बढ़ गए हैं। इतना ही नहीं, गैस की बुकिंग के लिए भी लोगों को 25 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। जूली ने तो यहां तक कह दिया कि जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें ज्यादा थीं, तब पिछली सरकार ने राहत दी थी, तो अब क्या होगा?
इस गरमा-गरम बहस के बीच खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने जो आंकड़े पेश किए, वे काफी दिलचस्प हैं। बता दें कि राजस्थान में खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत कुल 1 करोड़ 8 लाख से ज्यादा परिवार जुड़े हैं। इनमें से अब तक 68 लाख से ज्यादा परिवारों की एलपीजी सीडिंग पूरी हो चुकी है। मंत्री ने साफ किया कि भजनलाल सरकार के आने के बाद से अब तक करीब 5.68 करोड़ रिफिल पर 1051 करोड़ रुपये की सब्सिडी सीधे जनता के बैंक खातों में डाली गई है।
मंत्री सुमित गोदारा ने जनता को भरोसा दिलाया है कि सरकार पीछे नहीं हटेगी। जिन परिवारों को तकनीकी दिक्कतों या राशन कार्ड की विसंगतियों के चलते सब्सिडी नहीं मिल पा रही है, उनके लिए अब सरकार एक विशेष अभियान चलाने जा रही है। लक्ष्य यही है कि प्रदेश के हर पात्र परिवार को न सिर्फ गैस कनेक्शन मिले, बल्कि सब्सिडी का पैसा भी उनके खाते में समय पर पहुंचे। अब देखना यह है कि क्या यह अभियान आम जनता के रसोई बजट को राहत दिला पाएगा या महंगाई का बोझ और बढ़ेगा।
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