Rajasthan News: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सशक्त उद्योगों से ही विकसित राजस्थान का निर्माण होगा। राज्य सरकार निवेश प्रक्रियाओं में सरलता, पारदर्शिता एवं नीतियों में दीर्घकालीन स्थिरता लाने के साथ ही व्यवसाय की लागत में कमी की प्राथमिकताओं पर प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों को आगामी राज्य बजट 2026-27 में शामिल करने के हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

सीएम ने मुख्यमंत्री कार्यालय में उद्योग, सेवा क्षेत्र, व्यापार, कर सलाहकार एवं युवा प्रोफेशनल्स के साथ बजट पूर्व चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उद्योगों की समृद्धि से ही विकास को नई गति मिलती है। एमएसएमई, पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और तकनीकी सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमशीलता ने प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव लाया है। राजस्थान निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए कई नीतियों, योजनाओं के साथ-साथ अहम निर्णय किए हैं। राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हस्ताक्षरित लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की ग्राउंड ब्रेकिंग राजस्थान को इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली राज्य के रूप में स्थापित करती है। राज्य सरकार ने जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया, पचपदरा रिफाइनरी के साथ ही प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्रों के विकास को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। वहीं, पर्यटन के क्षेत्र में प्रदेश में असीम संभावनाएं हैं।
सीएम ने कहा कि स्थानीय व्यापारियों ने राजस्थान की देश-दुनिया में नई पहचान बनाई है। वे युवा उद्यमियों को उद्योग-व्यापार में निवेश करने के लिए अधिक से अधिक प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को पर्याप्त बिजली सहित आवश्यक सुविधाएं एवं सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापारियों के विभिन्न विषयों के निराकरण के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
इस दौरान उद्योग, सेवा क्षेत्र, व्यापार, कर सलाहकार एवं युवा प्रोफेशनल्स से जुड़े विभिन्न संगठनों ने निवेश केन्द्रित नीतियों एवं प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की। बैठक में लघु उद्योग भारती, कन्फेडेरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज, राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, फोर्टी, एसोचैम, फिक्की, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ टैक्स पेयर्स एण्ड प्रोफेशनल्स, दलित इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, फैडरेशन ऑफ माइंस एसोसिएशन ऑफ राजस्थान, राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ, होटल एण्ड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ राजस्थान, इंडियन हैरिटेज होटल एसोसिएशन, राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स, वेयरहाउस एसोसिएशन ऑफ राजस्थान, राजस्थान स्टील चैम्बर सहित विभिन्न सेक्टर्स के संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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