Rajasthan News: हनुमानगढ़ के टिब्बी इलाके में एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ जारी किसानों के विरोध पर सरकार की ओर से पहली बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि किसानों की चिंताएं अपनी जगह सही हो सकती हैं, लेकिन हिंसा का रास्ता किसी समाधान की ओर नहीं ले जाता.

उन्होंने बताया कि इस प्लांट के लिए जमीन पिछली सरकार के कार्यकाल में हुए MOU के बाद आवंटित की गई थी और यहां देश का सबसे बड़ा एथेनॉल प्लांट स्थापित हो रहा है. मीणा ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि गहलोत सरकार ने ही यह समझौता किया था और अब उनके ही विधायक किसानों के साथ जाकर प्लांट पर धावा बोल रहे हैं.
मीणा का कहना है कि राजस्थान का उद्योगपति पूरे देश में निवेश करता है, ऐसे में जब राज्य में निवेश का माहौल बन रहा है तो किसानों को भी अपनी बात शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक तरीके से रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अगर किसान उनसे मिलना चाहते थे तो उन्हें बुला लिया जाता, हिंसा से सिर्फ माहौल खराब होता है.
कृषि मंत्री ने बताया कि वह इस क्षेत्र का चार बार दौरा कर चुके हैं और जिला प्रशासन के जरिए किसानों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं. उनका कहना है कि विरोध ठीक है, लेकिन प्लांट पर हमला करना गलत है.
मीणा ने कहा कि जब प्रदेश में उद्योग लगाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं, उसी समय माहौल बिगाड़ने की कोशिशें हो रही हैं. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट को निशाने पर लेते हुए कहा कि बयान जारी करने के बजाय उन्हें किसानों के बीच जाकर स्थिति समझनी चाहिए.
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