Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज मीडिया से चर्चा के दौरान प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर की है। गहलोत ने साफ कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है और सरकार को अब टालमटोल छोड़कर तुरंत एक्शन में आना चाहिए।

फसलों के नुकसान पर गहलोत की मांग

बता दें कि बीते दिनों हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। जयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए गहलोत ने कहा कि सरकार को तत्काल गिरदावरी (नुकसान का आकलन) करवानी चाहिए। दरअसल, किसान पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, ऐसे में अगर समय पर मुआवजा नहीं मिला तो स्थिति और बिगड़ जाएगी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि किसान राज्य की पहली प्राथमिकता होने चाहिए।

RGHS का 1000 करोड़ बकाया: मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

सूत्रों की मानें तो प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वरदान साबित हुई RGHS योजना अब संकट में है। गहलोत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि निजी अस्पतालों का लगभग 1000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है। अस्पताल अब मरीजों से सीधे कैश मांग रहे हैं, जिससे आम आदमी परेशान है। सरकार स्पष्ट करे कि आखिर यह भुगतान कब तक होगा?

जांच और न्याय पर उठाए कड़े सवाल

कन्हैयालाल हत्याकांड का जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 साल से ज्यादा का समय बीत गया है, लेकिन इंसाफ की डगर अब भी दूर दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में जानबूझकर इतने ज्यादा गवाह बनाए गए हैं कि न्याय प्रक्रिया सुस्त हो गई है। वहीं, सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 और पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राजस्थान को बदनाम करने की साजिश रची गई, जबकि पेपर लीक दूसरे राज्यों में भी हुए हैं।

विपक्ष का काम है आईना दिखाना

गहलोत ने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का काम सवाल पूछना है। जनता ने हमें यह जिम्मेदारी सौंपी है और सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं और योजनाओं को कमजोर करना प्रदेश के हित में नहीं है।

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