जयपुर। देशभर में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के 9 मामलों के सामने आने से चिंता बढ़ी है, लेकिन जयपुर के जेके लोन अस्पताल के डॉक्टर इसे सामान्य मान रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यहां हर साल इस वायरस के मामले सामने आते हैं। वर्ष 2022 में भी एचएमपीवी से संक्रमित 60 केस दर्ज किए गए थे।

जेके लोन अस्पताल: आइसोलेशन वार्ड और विशेष ओपीडी की व्यवस्था
इस साल एचएमपीवी का अभी तक एक भी केस नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर, अस्पताल ने 10 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है, जिसमें 8 सामान्य और 2 आईसीयू बेड हैं। सांस संबंधी समस्याओं के लिए एक अलग ओपीडी शुरू की गई है, जहां केवल एचएमपीवी जैसे लक्षणों वाले बच्चों का इलाज किया जा रहा है।
राजस्थान में एचएमपीवी के केस
- कोटा:
- 2 अक्टूबर को 3 महीने का एक शिशु एचएमपीवी से संक्रमित पाया गया।
- 13 दिनों तक उपचार के बाद शिशु स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया।
- डूंगरपुर:
- साबला ब्लॉक के ढाई महीने के एक मासूम में एचएमपीवी की पुष्टि हुई।
- बच्चे को सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत थी।
- गुजरात के ऑरेंज चिल्ड्रन अस्पताल में 12 दिनों तक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
एचएमपीवी: लक्षण और सतर्कता के उपाय
डॉक्टरों के अनुसार, एचएमपीवी के लक्षण निम्नलिखित हो सकते हैं:
- सर्दी-जुकाम
- गले में खराश
- सांस लेने में कठिनाई
- निमोनिया
- होंठों का नीला पड़ना
वहीं इस बारे में डॉ. कैलाश मीणा, अधीक्षक, जेके लोन अस्पताल का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। एचएमपीवी के मरीज हर साल आते हैं और ठीक भी हो जाते हैं। जुकाम, सांस की दिक्कत या निमोनिया के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। संक्रमित बच्चों को अन्य बच्चों से अलग रखें।
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