Rajasthan News: जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर-द्वितीय ने मोतियाबिंद के ऑपरेशन में लापरवाही के कारण मरीज की आंख खराब होने को गंभीर कृत्य और सेवा में दोष करार दिया है। इस मामले में आयोग ने ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर और अस्पताल पर 16.61 लाख रुपये का हर्जाना लगाया है। आयोग के अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीना और सदस्य हेमलता अग्रवाल ने यह आदेश शकुंतला देवी के परिवाद पर दिए, जिसमें यह कहा गया था कि ऑपरेशन के दौरान बरती गई लापरवाही से उनकी आंख की पुतली खराब हो गई, जिससे उनकी दृष्टि हमेशा के लिए चली गई।

जानकारी के अनुसार शकुंतला देवी ने दांयी आंख में समस्या के बाद 19 दिसंबर 2005 को डॉक्टर से संपर्क किया था। 17 दिसंबर 2006 को उन्हें आंख में इंजेक्शन दिया गया, जिसके बाद उनकी आंख में दर्द बना रहा। डॉक्टर की सलाह के अनुसार, उन्होंने दवाइयां लीं, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
बाद में, 24 सितंबर 2008 को डॉक्टर ने उन्हें मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसके बाद 26 सितंबर 2009 को डॉक्टर राजकुमार ने ऑपरेशन किया और लेंस व ऑपरेशन के लिए 18,000 रुपये लिए। हालांकि, ऑपरेशन के कुछ दिन बाद जब उनकी पट्टी खोली गई, तो उन्हें दिखाई देना बंद हो गया और उनकी पुतली सफेद हो गई। परिवार द्वारा डॉक्टर से संपर्क करने पर उन्हें सिर्फ दवाई डालने की सलाह दी गई, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ गई।
दिसंबर 2010 में शकुंतला देवी ने एम्स, दिल्ली में अपनी आंख की जांच करवाई, जहां डॉक्टरों ने बताया कि मोतियाबिंद ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरती गई थी, जिसके चलते उनकी पुतली पूरी तरह खराब हो गई। इस पर उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर मुआवजे की मांग की।
मामले की सुनवाई के बाद, आयोग ने डॉक्टर और अस्पताल पर 16.61 लाख रुपये हर्जाने का आदेश दिया। साथ ही, 18,000 रुपये जो ऑपरेशन और लेंस के लिए वसूले गए थे, उन्हें 9% ब्याज सहित लौटाने का भी निर्देश दिया गया। आयोग ने कहा कि ऑपरेशन में लापरवाही से मरीज की आंख में इंफेक्शन हुआ और पुतली खराब हो गई, जिससे उनकी दृष्टि हमेशा के लिए चली गई।
पढ़ें ये खबरें भी
- बड़ी खबर: 31 मार्च 2027 तक बस्तर से अर्द्धसैनिक बलों की हो जाएगी वापसी, नेता प्रतिपक्ष के सवाल पर गृहमंत्री विजय शर्मा ने सदन में दी जानकारी…
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहुंचे ओंकारेश्वर: ममलेश्वर में किया जलाभिषेक एवं पूजन, नर्मदा जल लेकर पहुंचे मंदिर
- जल जीवन मिशन 2.0 लॉन्च : केंद्रीय कैबिनेट ने दी मंजूरी, चुनावी राज्यों बंगाल-तमिलनाडु को तोहफा
- इतनी निर्दयता? प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत, अस्पताल संचालक ने नवजात को दवा के डिब्बे में रखकर बाहर छोड़ा, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
- T20 World Cup 2026 फाइनल में कीवी बैटर को गेंद मारने की मिली सजा, ICC ने Arshdeep Singh के खिलाफ लिया एक्शन

