Rajasthan News: राजस्थान के श्रीगंगानगर में पंजाब एंड सिंध बैंक की दो शाखाओं में बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से 1621 करोड़ रुपए का घोटाला उजागर हुआ है। सीबीआई जोधपुरद्ध ने इस मामले में बैंक के दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजरों समेत 30 से ज्यादा लोगों और फर्मों के खिलाफदो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

घोटालेबाजों ने साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की काली कमाई को सफेद करने के लिए म्यूल अकाउंट्स का इस्तेमाल किया। सीबीआई ने 21 जुलाई 2025 को जांच शुरू की थी। केस में 13 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई। एजेंसी के अनुसार फ जर्जी कंपनियां के जरिए ये फर्जीवाड़ा किया गया। आरोपियों ने कुछ महीनों में 17 खातों के जरिए हजारों करोड़ रुपए इधर उधर कर दिए।
सीबीआई एफ आईआर के अनुसार इस साजिश के मुख्य आरोपी पंजाब एंड सिंध बैंक के दो तत्कालीन ब्रांच मैनेजर, सीनियर मैनेजर, गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सैकंडरी स्कूल ब्रांच और चीफ मैनेजर मुख्य शाखा श्रीगंगानगर थे। इन्होंने आदित्य गुप्ता उर्फविशाल गुप्ता, जीरकपुर, चंडीगढ़, प्रवीण अरोड़ा, प्रेम कुमार सैन और आतिल खान के साथ मिलकर फ्रॉड किया।
फर्जी फर्म और जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल
गैंग ने कुल 17 फर्जी फर्मों और कंपनियों के नाम पर म्यूल, करंट अकाउंट्स खोले। आरोपियों ने जाली केवाईसी दस्तावेजए फ र्जी रेंट एग्रीमेंट और अन्य बनावटी सहायक दस्तावेज तैयार करके बैंक में जमा कराए। आरोपी मैनेजर्स ने मौके पर गए बिना ही फर्जी साइट विजिट रिपोर्ट और बिजनेस वेरिफिकेशन तैयार कर दी, जिससे खाते आसानी से खुल सकें। मुख्य ब्रांच में 20 दिन, 19 जून से 9 जुलाई 2024 के भीतर 4 खाते खोले गए, जिनमें लगभग 537 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ। वहीं, गर्ल्स स्कूल ब्रांच में अगस्त 2024 से मार्च 2025 की अवधि में कुल 13 खाते खोले गए, जिनमें लगभग 1084 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था।
फंड की लेयरिंग और नुकसान
खाते एक्टिव होने के बाद इनका उपयोग साइबर क्राइम और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त काली कमाई को बैंकिंग चैनलों के माध्यम से रूट और लेयरिंग उस रास्ते को इतना उलझा देना कि कोई उसका सिरा न पकड़ सके और ट्रांसफर करने के लिए किया गया। इसका उद्देश्य पैसे के असली स्रोत को छुपाना था। यह पूरा स्कैम बैंक अधिकारियों की सक्रि य मिलीभगत के बिना संभव नहीं था, जिन्होंने अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग कर फर्जी रिपोर्ट तैयार की।
सीबीआई की छापेमारी
मामला दर्ज होने के बाद सीबीआई ने छापेमारी भी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार हनुमानगढ़ रोड पर निकुंज विहार स्थित एलकेजी इन्फे सॉल्यूशंस के डायरेक्टर अजय गर्ग के ठिकानों पर दबिश दी गई। सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, ए जालसाजी और जाली दस्तावेज का उपयोग करने की धाराओं के साथ. साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए हैं।
पढ़ें ये खबरें
- IPS Rajnesh Singh Motiveted Board Exam Students : एसएसपी रजनेश सिंह ने बोर्ड परीक्षार्थियों में भरा आत्मविश्वास, कहा- शांत मन से करें नियमित अभ्यास, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से भी की अपील
- मंगल कार्बन टायर फैक्ट्री में ब्लास्ट अपडेट : गंभीर रूप से झुलसी 9 माह की मासूम की मौत, कई मजदूर गंभीर, FIR वापस लेने और बयान बदलने का दबाव, पीड़ितों परिजनों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
- ‘8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी?’ साइबर ठगों ने अपनाया नया पैंतरा, झांसे में पड़े तो आपका बैंक अकाउंट भी हो सकता है खाली
- भाई बना कसाईः बड़े ने पत्थर से हमला कर छोटे भाई को सुलाई मौत की नींद, हैरान कर देगी हत्या के पीछे की वजह
- CG Accident News : नाली में गिरी तेज रफ्तार बाइक, एक की मौत, दूसरा गंभीर


