Rajasthan News: जयपुर में औषधि नियंत्रक विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब जांच के दौरान पाया गया कि स्टोर पर प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध बिक्री हो रही थी।

औषधि नियंत्रक राजा राम शर्मा ने जानकारी दी कि अनुज्ञापन प्राधिकारी दिनेश कुमार तनेजा और सहायक औषधि नियंत्रक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेडिकल एंड जनरल स्टोर का लाइसेंस रद्द कर दिया। साथ ही, रजिस्टार फार्मेसी काउंसिल को भी फार्मासिस्ट के खिलाफ कठोर कदम उठाने के लिए सूचित किया गया है।
जांच में मिलीं बिना बिल की प्रतिबंधित दवाएं
औषधि नियंत्रक राजा राम शर्मा ने बताया कि 20 जनवरी 2025 को औषधि नियंत्रण अधिकारी और नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की संयुक्त टीम ने अग्रवाल मेडिकल एंड जनरल स्टोर की जांच की। इस दौरान वहां एनडीपीएस श्रेणी की कई प्रतिबंधित टेबलेट बिना बिल के रखी मिलीं। इसके अलावा, अन्य नशीली दवाओं की भी बिना किसी वैध दस्तावेज के बिक्री की जा रही थी।
मालिक और फार्मासिस्ट गिरफ्तार
जांच में सामने आया कि ये दवाएं नशे के लिए अवैध रूप से बेची जा रही थीं। इस पर कार्रवाई करते हुए नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो ने एफआईआर दर्ज की और मेडिकल स्टोर के मालिक व रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट नवल किशोर कुमावत को गिरफ्तार कर लिया। औषधि नियंत्रक राजा राम शर्मा ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पढ़ें ये खबरें
- अमरोहा : पटाखा फैक्ट्री में लगी आग, बाल-बाल बचे मजदूर, साबुन फैक्ट्री की आड़ में हो रहा था अवैध संचालन, कर्मचारी भी हुए फरार
- शादीशुदा महिला से मज़ाक और छींटाकशी करता था युवक, पति को गुज़रा नागवार, कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उतारा मौत के घाट
- ‘दिल्ली को हिंसा की आग में धकेलने…’, उमर खालिद और शरजील इमाम पर CM रेखा गुप्ता की सामने आई प्रतिक्रिया
- भद्रक में भीषण लगी आग: एक ही रात में 7 परिवार बेघर, दर्जनों मवेशियों की मौत
- ईको टूरिज्म की संभावनाओं के बीच प्रदेश में तलाशे जा रहे स्पॉट, राज्य भर में पर्यटन के लिए फॉर्मल ट्रेनिंग प्रोग्राम की भी होगी शुरुआत

